Bihar

बिहार में शराब का पता लगाने वाले ड्रोन अब पराली जलाने की निगरानी भी करेंगे

बिहार में वायु गुणवत्ता में लगातार हो रही गिरावट के बीच अब खेतों में पराली जलाने के मामलों का पता लगाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। कृषि विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए उत्पाद विभाग के साथ मिलकर ड्रोन का इस्तेमाल करने का करार किया गया है। मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग इन ड्रोन की मदद से फिलहाल अवैध शराब की तस्करी पर नजर रखने का काम करता है। शराब की निगरानी करने वाले ड्रोन अब राज्य में पराली जलाने के मामलों पर भी नजर रखेंगे।

अधिकारी ने बताया कि फिलहाल बिहार में पराली जलाने की घटनाएं बहुत कम हैं। हालांकि, रोहतास, भोजपुर, कैमूर और बक्सर समेत आसपास के इलाकों में धान की कटाई शुरू होने पर पराली जलाने के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। बिहार के कई शहरों में पारा गिरने के साथ ही विभिन्न जिलों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बिगड़ने लगा है। बुधवार को पटना का औसत AQI खतरनाक से खराब श्रेणी के बीच रहा।

राजधानी के बेली रोड स्थित इंदिरा गांधी विज्ञान केंद्र में औसत एक्यूआई 248 दर्ज किया गया, जो कि खराब श्रेणी में है। इसी तरह डीआरएम कार्यालय, दानापुर, शिकारपुर, मुरादपुर, राजबंसी नगर और समनपुरा में औसत एक्यूआई क्रमश: 298, 224, 293, 267 और 279 दर्ज हुआ। बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (बीएसपीसीबी) के एक अधिकारी ने कहा, “इन सभी क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता कुछ समय में खतरनाक पाई गई।” बोर्ड के प्रमुख डीके शुक्ला के अनुसार वैज्ञानिक पराली या बायोमास कचरे को जलाने की घटनाओं का पता लगाने के लिए रिमोट सेंसिंग इमेजरी पर कड़ी नजर रख रहे हैं। उन्होंने वायु प्रदूषण के पीछे थर्मल पावर प्लांट के योगदान की संभावना को खारिज करते हुए कहा, इससे कोई बड़ा प्रभाव पड़े ऐसा मामला हमारी नजर में नहीं है। हालांकि, बिहार की सीमा से लगे उत्तर प्रदेश के जिलों में कुछ मामले सामने आए हैं।

बिहार के कृषि मंत्री मंगल पांडे ने फील्ड अधिकारियों को अन्य विभागों के साथ सहयोग करने और गांवों में बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया, ताकि किसानों को पराली जलाने से रोका जा सके। मंगलवार को कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा, “इस बार, संवेदनशील जिलों के जिलाधिकारियों (डीएम) ने पराली जलाने के खिलाफ मुहिम शुरू की है और बायोमास कचरे को खुले में जलाने की घटनाओं की जांच के लिए रणनीति बनाई है। अधिकारियों को पराली जलाने के लिए कुख्यात क्षेत्रों की निगरानी करने और त्वरित कार्रवाई करने के लिए कहा जा रहा है।”

विभाग के अधिकारियों ने कहा कि पटना, कैमूर, रोहतास और भोजपुर सहित विभिन्न जिलों के डीएम ने किसानों को पराली जलाने के प्रभावों के बारे में जागरूक करने के लिए जीविका, आंगनबाड़ी, शिक्षा, पंचायती राज और सहकारी संस्थाओं के स्वयंसेवकों को शामिल करने का भी प्रस्ताव दिया है।

Avinash Roy

Recent Posts

अमर शहीद अखिलेश राय फाउंडेशन की पहल से महिला का सफल स्पाइनल ऑपरेशन, आर्थिक सहयोग भी मिला

समस्तीपुर : हरसिंहपुर निवासी दीपक गिरी की पत्नी का स्पाइनल (रीढ़) का सफल ऑपरेशन अमर…

31 मिनट ago

बिहार में पंचायती राज विभाग का घूसखोर JE गिरफ्तार, निगरानी ने 12 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की लगातार छापेमारी जारी है. इसी क्रम में…

45 मिनट ago

छाती में 9 mm की बाती डाल देंगे, बिहार BJP प्रवक्ता को जान से मारने की धमकी, की शिकायत

भाजपा बिहार के प्रवक्ता नीरज कुमार ने सोशल मीडिया पर मिली अश्लील गालियों और जान…

1 घंटा ago

समस्तीपुर में दो लोगों को बदमाशों ने मारी गोली, भीड़ ने एक बदमाश को पीट-पीट कर मार डाला, जानें क्या है पूरा मामला

समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय में बड़ी घटना हुई है। यहां दो लोगों को…

1 घंटा ago

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ DAV ने मनाया वार्षिकोत्सव, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दीप प्रज्वलन कर किया शुभारंभ

समस्तीपुर : शहर के हरपुर एलौथ स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल ने वार्षिकोत्सव मनाया। मुख्य अतिथि…

1 घंटा ago

BPSC को 46 हजार रिक्तियां भेजी गईं, जल्द शुरू होगी चौथे चरण की शिक्षक बहाली

बिहार में शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई…

2 घंटे ago