Bihar

अब बिहार में भी AQI पर ऐक्शन, चीफ सेक्रेटरी ने सभी जिलों के डीएम को दे दिया टास्क

बिहार में बढ़ते वायु प्रदूषण पर कंट्रोल करने का टास्क अब सभी जिलों के डीएम को सौंपा गया है। मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा ने इस संबंध में उन्हें वायु प्रदूषण के निवारण एवं नियंत्रण के लिए गंभीरता से पहले करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी जिलाधिकारियों को वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एक्शन प्लान बनाएंगे। उन्होंने सभी जिलों को क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना बनाने का दायित्व भी सौंपा।

मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा ने मंगलवार को सूबे में बढ़ते वायु प्रदूषण, उसकी मौजूदा स्थिति और उसके निवारण के लिए किये जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। बैठक में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन के सचिव, प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के सदस्य सचिव और सभी जिलाधिकारी एवं नगर आयुक्त वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। आपको बता दें दिवाली के बाद से बिहार के कई शहरों की हवा जहरीली हो गई है। राजधानी पटना, बक्सर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर समेत कई जिलों का वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के पार है।

बिहार में बढ़ते वायु प्रदूषण पर कंट्रोल करने का टास्क अब सभी जिलों के डीएम को सौंपा गया है। मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा ने इस संबंध में उन्हें वायु प्रदूषण के निवारण एवं नियंत्रण के लिए गंभीरता से पहले करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी जिलाधिकारियों को वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एक्शन प्लान बनाएंगे। उन्होंने सभी जिलों को क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना बनाने का दायित्व भी सौंपा।

मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा ने मंगलवार को सूबे में बढ़ते वायु प्रदूषण, उसकी मौजूदा स्थिति और उसके निवारण के लिए किये जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। बैठक में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन के सचिव, प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के सदस्य सचिव और सभी जिलाधिकारी एवं नगर आयुक्त वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। आपको बता दें दिवाली के बाद से बिहार के कई शहरों की हवा जहरीली हो गई है। राजधानी पटना, बक्सर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर समेत कई जिलों का वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के पार है।

बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण विभाग के मुताबि वातावरण में बढ़ रही ठंड और धूलकण के मिश्रण से वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर हो रही है। पर्षद और नगर निगम प्रदूषण कम करने के लिए ठोस उपाय कर रहे हैं। कई स्थानों पर जांच टीम भी भेजी गई है, जहां से प्रदूषण अधिक होने की शिकायत मिल रही है। हाल ही में दो निर्माण एजेंसियों पर 10 लाख से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। इधर वायु प्रदूषण अधिक होने के कारण बच्चों के सेहत पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ने की आशंका है।

Avinash Roy

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