बिहार के मुंगेर जिले में सोमवार को बड़ा रेल हादसा होते-होते बच गया। किउल-जमालपुर रेलखंड में महरना समपार फाटक के पास निर्माणाधीन एलएचएस पुल के करीब रेल पटरी धंसने से मेमू पैसेंजर ट्रेन दुर्घटना का शिकार होने से बच गई। अचानक हुई तेज बारिश से महरना नदी में बारिश का पानी आने से पुल के दोनों ओर की मिट्टी धंस गई। इससे अप और डाउन लाइन पर 10 फीट तक पटरियों के नीचे डेढ़ फीट गड्ढा हो गया। वहां से गुजर रहे चरवाहे ने जब देखा तो उसने गमछा दिखाकर ट्रेन को रुकवा दिया।
जानकारी के मुताबिक चरवाहे ने सोमवार को दोपहर करीब तीन बजे पटरी को धंसा हुआ देखा। उसने तुरंत भागकर गेटमैन राजेश कुमार शर्मा को इसकी जानकारी दी। उसी समय डाउन लाइन पर मेमू ट्रेन आ रही थी। चरवाहे ने सूझबूझ दिखाते हुए अपना गमछा निकालकर ट्रेन को धंसी हुई पटरी से पहले ही रोक दिया। इससे बड़ा रेल हादसा होते-होते बच गया।
इस संबंध में धरहरा रेलवे स्टेशन के प्रबंधक प्रफुल्ल कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें एलसी गेट 20 के गेटमैन से पटरी धंसने की जानकारी मिली। उन्होंने कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी। इसके बाद एक टीम मौके पर पहुंची और पटरी की मरम्मत की गई। पटरी धंसने की वजह से इस रूट पर करीब 50 मिनट तक ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ।
मालदा आनंद विहार एक्सप्रेस, मुजफ्फरपुर जनसेवा एक्सप्रेस और एक मेमू ट्रेन को धरहरा में ही रोक दिया गया। इसके अलावा नई दिल्ली भागलपुर एक्सप्रेस, अभयपुर एवं लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस किऊल स्टेशन पर खड़ी रही।
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