ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा के कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी के फोटो को उपयोग में लाते हुए मोबाइल नंबर +94779250432, +94761806742 से अज्ञात व्यक्ति ने यूनिवर्सिटी के पदाधिकारियों से साइबर ठगी की कोशिश की है। इस संबंध में यूनिवर्सिटी थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। एफआईआर में बताया गया है कि कुलपति के नाम से फर्जी व्हाट्सएप बना कर इसके माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन के कई पदाधिकरियों को व्हाट्सएप संदेश एवं व्हाट्सएप कॉलिंग के जरिए रुपये ट्रांसफर का अनुरोध किया गया। इस घटना का व्हाट्सएप मैसेज सबसे पहले विश्वविद्यालय के उप-परीक्षा नियंत्रक डॉक्टर मनोज कुमार के मोबाइल पर प्राप्त हुआ।
इसके अतिरिक्त डॉ. दमन कुमार झा (लाइब्रेरी प्रभारी), डॉक्टर इंसान अली (उप परीक्षा- नियंत्रक जनरल एजुकेशन), प्रोफेसर महेश प्रसाद सिन्हा (सीसीडीसी ) एवं डॉ आंनद प्रकाश गुप्ता (राष्ट्रीय सेवा योजना के कोऑर्डिनेटर) को भी ऐसे संदेश प्राप्त हुए। जिसमें मुस्कान नाम के बैंक ऑफ महाराष्ट्र खाता संख्या- 604 8294 1076 में ₹ 50,000 रुपये ट्रांसफर करने का अनुरोध किया गया। आईटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज करने के लिये थाने में प्रतिवेदन दिया गया है। पहले भी पूर्व कुलपति प्रोफेसर साकेत कुशवाहा, प्रोफेसर एसके सिंह और पूर्व कुलपति प्रोफेसर एसपी सिंह के कार्यकाल में इस तरह के वारदात हो चुके हैं।
पूर्व में हुई घटनाओं के सिलसिले में विश्वविद्यालय द्वारा आवेदन दिए गए पर पुलिस प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। कार्रवाई न किये जाने के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। लिहाजा बार-बार ऐसी घटना की पुनरावृति हो रही है। एफआईआर में कहा गया है कि इससे कुलपति पद की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। लोगों से अनुरोध किया गया है कि ऐसे भ्रामक और धोखाधड़ी संदेशों से बचने का प्रयास करें।
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