Bihar

महज 5 फीसदी लोग वोटिंग को फर्ज मानते, चुनाव आयोग के सर्वे में चौंकाने वाले खुलासे; क्या है KAP?

यहां क्लिक कर हमसे व्हाट्सएप पर जुड़े 

चुनाव आयोग द्वारा बिहार में पिछले चुनाव के बाद मतदाताओं की जानकारी और उनके व्यवहार को लेकर कराए गए केएपी (नॉलेज, एटीट्यूड एंड प्रैक्टिस) सर्वे 2023 के नतीजे आ गए हैं। चुनाव आयोग द्वारा 243 विधानसभा के चार-चार बूथों के 25 हजार मतदाताओं पर किए गए सर्वे बताते हैं कि चुनाव से संबंधित जानकारी के लिए कुल मतदाताओं के लगभग एक चौथाई (22.8 फीसदी) लोग अखबार पर निर्भर हैं। उन्हें अखबार से ही चुनाव और चुनावी प्रक्रिया, प्रत्याशी-समर्थकों व उनकी रीति-नीति के बारे में सही जानकारी मिल पाती है। सर्वे में शामिल कुल मतदाताओं में 38 फीसदी रोज सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं।

केएपी सर्वे 2023 के कई नतीजे रोचक हैं। मसलन, वोट डालने वाले 41 फीसदी मतदाता मानते हैं कि वे राजनीतिक दल के प्रति प्रतिबद्धता के कारण वोट डालते हैं।1.9 फीसदी मतदाता भय या दबाव के कारण जाते हैं। 13 फीसदी लोग परिवार के कहने पर, 27 फीसदी लोग कर्तव्य समझ मतदान करते हैं। अच्छा प्रत्याशी होने के कारण वोट डालने को प्रेरित होने वाले वोटरों की संख्या महज पांच फीसदी है। 3.2 फीसदी लोग जनप्रतिनिधि को सबक सिखाने के इरादे से वोट डालते हैं। रोचक तथ्य यह है कि पिछले चुनाव में जहां भी ज्यादा मतदान दर्ज हुआ वहां पैसे का बोलबाला होना 21 फीसदी लोगों ने स्वीकार किया है।

वहीं 12 फीसदी लोगों ने माना है कि वोट के लिए अनुकूल माहौल था, इसलिए मतदान को प्रेरित हुए। वहीं 42 फीसदी मतदाता मनपसंद प्रत्याशी के लिए वोट डालने बूथ तक गये। यह महत्वूपर्ण है कि सर्वे में शामिल 50.2 फीसदी लोगों ने कहा है कि वे प्रत्याशी को व्यक्तिगत तौर पर जानते थे, इसलिए मतदान किया, जबकि 7.6 फीसदी लोगों ने अनुभव के आधार पर वोट करना स्वीकार किया है। 20 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्होंने ईमानदार प्रत्याशी की अपेक्षा करते हुए वोट डाला तो 11 फीसदी वोटिंग से पहले ही किसी से वोट देने का वादा कर चुके थे।

जानें क्या है केएपी सर्वे

चुनाव आयोग वोटरों को मतदान के लिए उत्साहित करने और स्वच्छ, मतदान के उद्देश्य से 2023 में हुए इस सर्वे में बिहार के सभी 243 विधानसभा के चार-चार बूथों के मतदाताओं को शामिल किया गया। व दो सबसे कम वोटिंग प्रतिशत सबसे कम था। 25985 वोटरों से बात की गई। उनमें 22.4 फीसदी छात्र, 8.4 फीसदी बेरोजगार युवा, 4.2 फीसदी सरकारी कर्मी, 2.7 फीसदी निजी नौकरीपेशा, पांच फीसदी स्वरोजगार, 4.3 फीसदी मजदूर व किसान, 41 फीसदी घर निर्माता और अन्य वर्ग के 11 फीसदी मतदाताओं को शामिल किया गया।

Avinash Roy

Recent Posts

बिना परमिशन रोड शो निकाल फंसे अनंत सिंह और अनुज; MLC चुनाव से पहले दोनों पर 3 केस दर्ज

बिहार में एमएलसी चुनाव को लेकर राजनीतिक तापमान चढ़ा हुआ है। इस बीच विधान परिषद…

8 घंटे ago

बिहार में जमीन का दाखिल-खारिज कराने के लिए कौन-कौन से कागजात जरूरी? यहां देखें पूरी लिस्ट

बिहार में जमीन का दाखिल-खारिज कराना चाहते हैं, तो आवेदन करने से पहले जरूरी कागजात…

11 घंटे ago

बिहार के सरप्लस शिक्षकों का तबादला कैसे होगा, समझिए पूरा नियम और अगला चरण

फाइल फोटो : बिहार में सरकारी शिक्षकों के तबादले का इंतजार लंबा होता जा रहा…

11 घंटे ago

RNAR काॅलेज के पास पुलिस को देखते ही बाइक छोड़कर भागे बदमाश, लोडेड कट्टा बरामद

समस्तीपुर : मुफस्सिल थाना क्षेत्र के आरएनआर कॉलेज के समीप पुलिस ने गश्ती के दौरान…

1 दिन ago

बड़ी खबर : समस्तीपुर में ATM तोड़कर 18 लाख रुपये उड़ाए, CCTV का DVR भी ले गए बदमाश, SP ने क्या कुछ कहा !

समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले के हलई थाना क्षेत्र के चकलालशाही चौक पर थाना के पुराने…

1 दिन ago