बिहार में सोमवार, 12 फरवरी को सत्तापक्ष व विपक्ष दोनों की परीक्षा होगी। सरकार का दावा है कि उसके पास बहुमत के लिए जरूरी विधायकों की संख्या से अधिक का समर्थन प्राप्त है। वहीं विपक्ष का दावा है शक्ति परीक्षण के दौरान खेला होने का। इस बीच राजद के विधायक और विधान पार्षदों को अगले 40 घंटे तक राज्य के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी प्रसाद यादव के सरकारी आवास पांच देशरत्न मार्ग पर ही रोक लिया गया है। उन्हें पहले पार्टी के विधायक दल की बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था। उन्हें 3-4 बजे शाम तक आवास पर पहुंचने का निर्देश दिया गया था। पटना व दूसरे जिलों से पार्टी के विधायक भागते हुए बैठक में पहुंचें। वहां उन्हें अपनी एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए बैठक के बाद वहीं पर रहने को कहा गया है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार बैठक के दौरान सभी विधायकों को कपड़े, दवा एवं अन्य जरूरी सामान मंगवाने को कहा गया। जिसके बाद उनके ड्राइवर एवं सहयोगी जरूरी सामान लेकर देर शाम तक वहां पहुंचते रहे। प्रारंभ में विधायकों का मोबाइल फोन भी जमा कर लिया गया। प्रदेश राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि पार्टी विधायकों की इच्छा का सम्मान पार्टी नेतृत्व रखते हैं। विधायकों को लगता है कि साथ रहें तो उनके लिए इंतजाम करना ही होगा।
जानकारी के अनुसार राजद के 79 विधायकों में 78 विधायक मौजूद हुए। विधायक नीलम देवी दिल्ली में इलाजरत होने के कारण बैठक में शामिल नहीं हुई। वहीं, विधान परिषद में राजद के सभी सदस्य भी बैठक में मौजूद रहे।
राजद ने पहले ही पार्टी विधानमंडल दल में किसी प्रकार की टूट से बचाने के लिए सभी पार्टी विधायक एवं विधान पार्षदों को अन्य स्थानों पर ले जाने के स्थान पर पटना में ही रोके रखने की तैयारी कर ली थी। इसके लिए वहां खाने-पीने के सामान सहित तोसक-गद्दा एवं अन्य जरूरी सामान दोपहर बाद से ही मंगाया जाने लगा था।
वहीं जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कि राजद विधायक राजनीतिक रूप से नजरबंद कर दिये गये हैं। तेजस्वी यादव के आवास 5, देशरत्न मार्ग में उन्हें नजरबंद करने का फैसला लिया गया है। यह उस कहावत को चरितार्थ करता है कि जो डर गया, वह मर गया। विधायकों की नजरबंदी साबित करता है कि महागठबंधन पहले ही हार मान चुका है। यही नहीं यह भी तय हो गया है कि सदन के अंदर एनडीए विश्वास प्राप्त करने में सफल होगा।
जदयू ने सदन में विश्वासमत प्राप्त कर लेने का दावा किया है। पूर्व मंत्री संजय कुमार झा ने कहा कि 12 फरवरी को विधानसभा में सरकार अपना बहुमत साबित करेगी। सारे विधायक एकजुट, कोई समस्या नहीं है। उधर, मुख्य सचेतक श्रवण कुमार के आवास पर जदयू विधायक दल की बैठक हुई। इसमें भावी रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा की गयी। बैठक में लगभग आधा दर्जन विधायक नहीं आ सके। हालांकि उन्होंने बैठक में नहीं आने की सूचना पार्टी को दे दी थी। यही नहीं उन्होंने अपनी अनुपस्थिति को लेकर चर्चाओं को महज अफवाह बताया। उन्होंने दावा किया कि रविवार को संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी के आवास पर होने वाली बैठक में सारे लोग मौजूद रहेंगे। रविवार को विजय चौधरी के घर पर जदयू विधायक जुटेंगे।
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