खंडहर जैसे स्टेडियम में खेला गया मुंबई और बिहार रणजी ट्रॉफी मैच; वेंकटेश प्रसाद ने स्टेट एसोसिएशन को सुनाई खरी-खोटी
शुक्रवार पांच जनवरी को बिहार और मुंबई के बीच चल रहे रणजी ट्रॉफी 2023-24 मैच के दौरान कुछ चौंकाने वाले दृश्य देखने को मिले जब मैच के वेन्यू के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए. रणजी टूर्नामेंट का ये महत्वपूर्ण मुकाबला स्थान बिहार के पटना में मोइन-उल-हक स्टेडियम में खेला जा रहा है जिसकी हालत किसी खंडहर से कम नहीं है.
ये स्टेडियम बिहार रणजी टीम का घरेलू मैदान है जो राजधानी पटना के राजेंद्र नगर में स्थित है. इस स्टेडियम क्रिकेट और फुटबॉल दोनों मैच खेले जाते हैं लेकिन मैदान की हालत गली क्रिकेट खेलने लायक भी नहीं है.

मैदान का वीडियो देखने के बाद पूर्व भारतीय गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने स्टेट एसोसिएशन को जमकर फटकारा. प्रसाद ने ट्वीट किया, “यह अस्वीकार्य है. रणजी ट्रॉफी भारत की प्रमुख घरेलू प्रतियोगिता है और अब समय आ गया है कि सभी हितधारक इसके महत्व को समझें. राज्य संघ द्वारा इसमें सुधार नहीं करने का कोई वाजिब कारण नजर नहीं आता.”

This is unacceptable. Ranji Trophy is the premiere domestic competition in India and it's time all stakeholders realise it's value. Don't see any valid reason for the state association not rectifying this . https://t.co/BTHs6auAah
— Venkatesh Prasad (@venkateshprasad) January 5, 2024

इस स्टेडियम में ही 1996 विश्व कप टूर्नामेंट का जिम्बाब्वे बनाम केन्या मैच खेला गया था. इसके अलावा यहां दो और अंतरराष्ट्रीय मैच खेले गए हैं. स्टेडियम का नाम पहले राजेंद्र नगर स्टेडियम था. 1970 में भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के महासचिव मोइन-उल-हक की मृत्यु के बाद इसका नाम बदल दिया गया.





