शिक्षक नियुक्ति में जीतन राम मांझी ने लगाया धांधली का आरोप तो जेडीयू ने किया पलटवार, मांगा सबूत
बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की ओर से जारी शिक्षक बहाली परीक्षा के रिजल्ट को लेकर सूबे की सियासत गरमा गई है। शिक्षक नियुक्ति को लेकर विपक्ष नीतीश सरकार पर हमलवार है। इस बीच राज्य के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने बीपीएससी शिक्षक नियुक्ति को लेकर नीतीश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
मांझी ने कहा कि यह नियुक्ति रेलवे के ‘लैंड फॉर जॉब’ के तर्ज पर ‘मनी फॉर जॉब’ स्कीम के तहत की गई है। मांझी के आरोप पर जेडीयू ने भी पलटवार किया है। जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने आरोप लगाया है कि जीतन राम मांझी सफल शिक्षक अभ्यर्थियों की योग्यता पर सवाल उठा रहे हैं।

बुधवार को राजधानी पटना में पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान नीरज कुमार ने मांझी को चुनौती देते हुए कहा कि साक्ष्य के साथ कोई एक भी अभ्यर्थी ऐसा दिखाएं जिनका चयन किसी तरह की पैरवी से हुआ है। जेडीयू प्रवक्ता ने आगे कहा कि जीतन राम मांझी इस तरह का बयान देकर राजनीतिक बेईमानी कर रहे हैं।

गौरतलब है कि जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया X पर पोस्ट शेयर कर लिखा था कि बीपीएससी शिक्षक नियुक्ति मामले की उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता है. आरक्षण की अनदेखी कर यह नियुक्ति रेलवे के लैंड फॉर जॉब के तर्ज पर मनी फॉर जॉब स्कीम के तहत की गई है। पैसा दो सरकारी नौकरी लो घोटाले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। बिहार सरकार ने युवाओं का बेड़ा गर्क कर दिया है।






