मुजफ्फरपुर में एक होमगार्ड जवान ने आकर आत्महत्या कर लेने की बात कही है। उसने सार्जेंट और एक सिपाही पर गंभीर आरोप लगाते हुए डीजीपी बिहार, तिरहुत रेंज के आईजी और मुजफ्फरपुर के एसएससी को पत्र देकर गुहार लगाई है। समस्तीपुर की महिला सिपाही अर्चना के आत्महत्या का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा उससे पहले मुजफ्फरपुर पुलिस महक में एक नया मामला गर्म हो गया है। जवान ने डिप्रेशन में चले जाने की बात कही है।
मुजफ्फरपुर पुलिस लाइन में होम गार्ड कन्हैया कुमार चालक है। उसने सार्जेन्ट मनोरंजन कुमार और सिपाही मुकेश कुमार पर ड्यूटी देने के लिए उगाही करने, मारपीट और जाती सूचक गाली देने सहित कई अन्य गंभीर आरोप लगाया है। चालक कन्हैया ने को प्रभारी एसएसपी सह सिटी एसपी अरविंद प्रताप को आवेदन देकर मामले की शिकायत की है। इसके साथ तिरहुत आईजी और डीजीपी को भी स्पीड पोस्ट के माध्यम से शिकायत पत्र भेजा है।
आवेदन में पीड़ित जवान ने बताया कि बीते बुधवार को करीब डेढ़ बजे सिपाही मुकेश कुमार ने मोबाइल से फोन कर बुलाया। परिवहन शाखा में उस समय बीमार पत्नी के इलाज के लिए हॉस्पिटल ले जा रहा था। इसके बाद भी मुकेश कुमार ने धमकी दी और कहा कि अभी आकर सार्जेन्ट साहब से मिलो नहीं तो बुरा हो जाएगा। वे तुम्हारे ऊपर रिपोर्ट कर रहे है। पत्नी को साथ मे लेकर परिवहन शाखा में सार्जेन्ट के पास पहुंचा।
आवेदन में सिपाही ने कहा कि मैने उनसे आग्रह किया कि पत्नी का इलाज कराने के लिए जाने का आदेश दिया जाए और चार दिन का छुट्टी दिया जाए। इसी पर सार्जेन्ट मनोरंजन कुमार और सिपाही मुकेश कुमार मारने लगे और मां बहन के साथ जाति सूचक गाली दी। चिल्लाने पर वहां मौजूद कुछ चालकों ने मुझे बचाया और इलाज कराया गया। इस प्रकरण से मैं मेरी पत्नी डिप्रैशन में हैं। हमें पता नही हम दोनों कब आत्महत्या लें। उनकी प्रताड़ना से बहुत दुख हुआ है।
जवान ने आरोप लगाया है कि सिपाही मुकेश कुमार के द्वारा बराबर धमकी दी जाती है कि पुलिस लाइन में रहना है तो सौ से दो सौ लीटर तेल के कूपन पर हस्ताक्षर करो या 5-10 हजार का महीना दो। ऐसा नहीं करोगे तो सार्जेन्ट साहब पुलिस लाइन में नही रहने देंगे। इसका विरोध करने पर मेरा कमान दूसरे जगह काट देने की धमकी दी जाती है।
सार्जेन्ट मनोरंजन कुमार और सिपाही मुकेश कुमार नजराना मांगते हैं। कैदी वाहन पर पांच हजार रुपये, सदर जाना है तो 55 हजार, सरैया थाना के लिए 50 हजार, कांटी थाना के लिए 40 हजार…। ऐसे ही रुपये की मांग किया करते थे। नही देने पर पुलिस लाइन में बुलाकर धमकाया जाता कि तुमको सस्पेंड कर देंगे। कोई तुमको नहीं बचाएगा। होमगार्ड डीएसपी या कोई भी तुम्हारी मदद नहीं करेगा क्योंकि सभी लोगो को परिवहन से पैसा भेजा जाता है। उसने बताया कि चालको को ही 50 से 60 हजार रुपये लेकर सदर, अहियापुर, कांटी, सरैया, बेनीबाद और गायघाट समेत अन्य चुनिदा थानों में भेजा जाता है। उसी चालको को लाइन में रखा जाता है जो महीने में गलत तरीके से सौ से तीन सौ लीटर तेल पर हस्ताक्षर करता है।
इधर लाइन डीएसपी से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया। डीएसपी विपिन नारायण शर्मा ने बताया कि यह मामला एमटी शाखा से संबंधित है। प्रारंभिक जांच में गलत व्यवहार का मामला सामने आया है। गंभीरता से इसकी जांच की जा रही है। आरोप के अनुसार अगर कुछ तथ्य उजागर होंगे तो निश्चित रूप से जो भी इससे जुड़े लोग होंगे उन पर उचित कानूनी कार्रवाई होगी।
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