यूट्यूबर मनीष कश्यप की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। बिहार और तमिलनाडु के बीच सामाजिक वैमनस्यता फैलाने की नीयत से फर्जी वीडियो बनाकर वायरल करने और ट्विटर पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) जल्द चार्जशीट दायर करेगी। इस प्रकरण के मुख्य आरोपित मनीष कश्यप समेत अन्य के खिलाफ ईओयू को काफी साक्ष्य मिले हैं, जिसका उल्लेख विस्तार से चार्जशीट में किया गया है। इसमें ट्विटर कंपनी से भी इनके स्तर से किए पोस्ट और फिर इसे डिलिट करने से संबंधित पूरी जानकारी दे दी है।
ट्विटर पर आपत्तिजनक पोस्ट डालीं
इस मामले में मधेपुरा के वार्ड-2 के आनंद विहार निवासी सत्यम कुमार नाम के युवक की भूमिका मुख्य रूप से सामने आई है। सत्यम के पिता शिक्षक हैं। उसने पूछताछ में ईओयू को लिखित बयान दिया है। इसमें बताया है कि 2022 में सत्यम ने अपने नाम से ट्विटर पर एकाउंट बनाया था। इसके बाद लोकप्रियता हासिल करने के लिए इसका नाम बदलकर मनीश कश्यप 43 कर दिया। इसपर खबरें डालने लगा। इसमें उसने अपनी मां का मोबाइल नंबर उपयोग किया, यह खो गया। फिर पिता के मोबाइल नंबर से एकाउंट चलाने लगा। 11 मार्च 2023 की रात को मनीष कश्यप सन ऑफ बिहार पैरोडी ट्विटर हैंडलर से उसे हथकड़ी वाली फोटो और उसके नीचे लिखा मैसेज आया। इसे ट्वीट करने का निर्देश भी लिखित में आया था। इसे सत्यम ने ट्वीट कर दिया। इसी एकाउंट की जांच कर ईओयू ने भ्रामक पोस्ट वायरल करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई।
ट्विटर से ली गई जानकारी
इधर, इस पोस्ट को भेजने वाले ने इसे अपने ट्विटर से डिलीट कर दिया। मामले की तफ्तीश में जब ट्विटर से पूरी जानकारी ली गई, तो पूरी हकीकत सामने आई। स्पष्ट हो गया कि यह पूरा हंगामा मनीष कश्यप के इशारे पर सत्यम के माध्यम से फैलाया गया। मनीष और उसके कुछ लोगों ने फैन पेज को भी बदल दिया। सोशल मीडिया का दुरुपयोग करके इसपर कई तरह की भ्रामक सामग्री प्रचारित करके सामाजिक सौहार्द्र फैलाने के आरोप में मनीष कश्यप को दोषी पाया गया। उसके खिलाफ दायर होने वाली इस चार्जशीट में विस्तार से घटनाक्रम को बताया गया है।
पटना जेल में बंद हैं मनीष कश्यप
आपको बता दें तमिलनाडु में मनीष कश्यप के खिलाफ कुल 6 मामले दर्ज हुए थे। जिसमें उसे डिफॉल्ट बेल मिल चुकी है, पटना कोर्ट ने फैसला लिया है कि तमिलनाडु से जुड़े किसी भी मामले में मनीष कश्यप वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। बिहार में कभी पटना के बेउर जेल तो कभी बेतिया जेल में रहेंगे, अलग-अलग केसों के मुताबिक उन्हें पटना और बेतिया जेल में रखा जाएगा।
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