केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने शनिवार को बिहार के सीएम नीतीश कुमार को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार हमारे हैं. हमारे पास कभी भी आ सकते हैं. उनसे जब पूछा गया कि क्या वह नीतीश कुमार से मिलेंगे, इस पर उन्होंने कहा कि वे इस बार उनसे नहीं मिल सकता. वैसे बीजेपी कई बार खुले मंच से बोल चुकी है कि वह किसी भी हाल में अब नीतीश कुमार को साथ नहीं लेंगे.
वहीं उन्होंने विपक्षी गठबंधन पर कहा कि जो गठबंधन बना है, उसका नाम INDIA रखा है. एक जमाना था India is Indira इंदिरा कहा जाता था. उन्होंने कहा आगे कहा कि हमारा गठबंधन एनडीए है. विपक्ष हमारे खिलाफ एकजुट हो रहा है, जो उनका लोकतांत्रिक अधिकार है लेकिन लोकप्रियता के मामले में पीएम मोदी पहले स्थान पर हैं.
हम नीतीश कुमार का सम्मान करते हैं
रामदास अठावले ने कहा,’हम उनकी (नीतीश) गैरमौजूदगी को महसूस करते हैं. उन्हें विपक्ष की मुंबई बैठक से दूर रहना चाहिए. जब वह अटलजी की सरकार में रेल मंत्री थे, तबसे हम साथ हैं. हम अब भी उनका सम्मान करते हैं. अगर उन्हें आरजेडी में जाना ही था, तो एनडीए में वापस क्यों आए? वह एनडीए में वापस आ गए. बिहार के लोग हमारे लोग हैं. नीतीश हम सभी के मित्र हैं. हमने उन्हें सीएम बनाया, जबकि उनकी पार्टी के पास विधानसभा में केवल 44 सीटें थीं.’
उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बिहार में अन्य राज्यों की तुलना में एससी/एसटी समुदायों के खिलाफ अत्याचार के मामले ज्यादा हैं. मैं सीएम नीतीश कुमार से इस पर विशेष ध्यान देने का अनुरोध करता हूं.”
विपक्षी दलों का मणिपुर जाना अच्छा है
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मणिपुर में हो रही हिंसा को लेकर विपक्ष संसद में हंगामा का सहारा ले रहा है. वे नहीं चाहते कि संसद में चर्चा हो. विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों का मणिपुर जाना अच्छा है. उन्हें वापस आने के बाद इस पर चर्चा करनी चाहिए. सरकार चर्चा के लिए तैयार है.
रामदास अठावले ने कहा कि क्या विपक्षी दलों की एक टीम पश्चिम बंगाल और बिहार में आएगी. क्या विपक्ष की टीम को उन सभी जगहों पर जाना चाहिए, जहां महिलाओं का अपमान किया जाता है. उन्हें राजस्थान, छत्तीसगढ़, बिहार और अन्य स्थानों का दौरा करने पर विचार करना चाहिए. पीएम मोदी ने सबका साथ, सबका विश्वास का वादा किया है. बिहार अपना हक हासिल करके रहेगा.
मणिपुर हिंसा में विदेशी ताकतों का हाथ
केंद्रीय मंत्री ने मणिपुर हिंसा पर कहा कि मैतेई समुदाय को आरक्षण का अधिकार मिला, जिसके बाद कुकी समुदाय ने विरोध शुरू कर दिया. मणिपुर हिंसा में विदेशी ताकतों के शामिल होने के भी इनपुट हैं. फिलहाल केंद्र सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है कि हिंसा जल्द से जल्द खत्म हो जाए.
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