Bihar

मजदूर दिवस: बिहार से हर साल पलायन करते 40 लाख से अधिक लोग! जानिए किस समुदाय के श्रमिक अधिक जा रहे बाहर..

व्हाट्सएप पर हमसे जुड़े

देश के विकास में बिहारी श्रमिकों का बड़ा योगदान है. कई विकसित राज्यों के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलमेंट से लेकर बढ़ते आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस के दखल में बिहारियों की बड़ी भूमिका है. रोजगार की तलाश में बिहार से हर साल बड़ी संख्या में लोग देश-विदेश में जाते हैं. वहां चल रही आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं.

बाहरी राज्यों में बिहारी श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका

रिपोर्ट बताती है कि पंजाब, तमिलनाडु, दिल्ली, मुंबई, हरियाणा जैसे राज्यों की अर्थव्यवस्था में सर्विस सेक्टर, इंडस्ट्री और कृषि में बिहारी श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. उदाहरण के तौर पर पंजाब के कपड़ा, साइकिल, चमड़ा और कृषि उद्योग बिहारी श्रमिकों के भरोसे ही चलते हैं. कोरोना काल में पंजाब में जब 2 लाख से अधिक मजदूर पलायन कर गये थे, तो उस दौरान कई कंपनियों ने ऑर्डर लेना बंद कर दिया था और कुछ कंपनियां बंद होने के कगार पर आ गयी थीं.

कृषि के अलावा औद्योगिक क्षेत्र में भी काम के अवसर

दिल्ली की एक गैर सरकारी संगठन की रिपोर्ट की मानें तो बिहार से हर साल 40 लाख से अधिक लोग पलायन करते हैं. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि पंजाब में पहले जहां लोग कृषि क्षेत्र में काम करने के लिए पंजाब जाया करते थे, अब वे औद्योगिक क्षेत्र में काम करना चाहते हैं.

इसलिए उनकी दिलचस्पी पंजाब के बदले दिल्ली, गुजरात व महाराष्ट्र में बढ़ गयी है. पलायन करने वालों में 36 फीसदी एससी- एसटी तो 58 फीसदी ओबीसी समुदाय के लोग होते हैं. पलायन करने वालों में 58 फीसदी को गरीबी रेखा से नीचे बताया गया. एक आकलन के अनुसार पलायन करने वालों में 65 फीसदी के पास खेती योग्य जमीन नहीं हैं.

अब पलायन में आ रही कमी

साल 2012 में बिहार सरकार ने दावा किया था कि 2008 से 2012 के बीच पलायन में 35-40 फीसदी तक कमी आयी है. लोगों को बिहार में ही काम मिलने लगे हैं. खासकर कोरोना काल के दौरान कई राज्यों से लौटे काफी बिहारी श्रमिक वापस नहीं गये. उन्होंने यहीं रोजगार का साधन ढूंढ लिया. अब स्थिति ऐसी बन जाती है कि पंजाब सरकार की ओर से पत्र भेजकर कहना पड़ता कि उनके यहां फसल कटनी के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं. बिहार में कई जिले हैं, जहां बाहर से लौटने वाले लोगों ने छोटे-मोटे उद्योग शुरू कर लिया है और अच्छी कमाई कर रहे हैं. बिहार सरकार भी वैसे लोगों को प्रोत्साहित कर रही है.

Avinash Roy

Recent Posts

समस्तीपुर सदर अस्पताल में फैमिली प्लानिंग मेला का सिविल सर्जन ने किया शुभारंभ, परिवार नियोजन को लेकर लोगों को किया गया जागरूक

समस्तीपुर : जिला स्वास्थ्य समिति एवं सदर अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को सदर…

1 घंटा ago

डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा में प्लेसमेंट का नया रिकॉर्ड, 16 छात्रों का सुधा फेडरेशन में चयन

समस्तीपुर/दलसिंहसराय : डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा एक बार फिर छात्रों के प्लेसमेंट…

2 घंटे ago

बिहार: बिना गैस दिए ही भेज दिया डिलीवरी सक्सेसफुल का मैसेज, डिलीवरी बॉय पर हुई FIR

पटना के दीघा इलाके में रहने वाले एक उपभोक्ता ने शिकायत की कि उन्होंने इन्द्रपुरी…

2 घंटे ago

समस्तीपुर में 1.53 लाख लोगों की बंद हो सकती है पेंशन, विभाग ने दी चेतावनी; जल्दी करें ये काम

समस्तीपुर : पेंशन योजना के लाभुकों को जल्द से जल्द अपना जीवन प्रमाणीकरण सत्यापन करना…

4 घंटे ago

UGC गाइडलाइंस पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के खिलाफ 18 मार्च को पटना में महाजुटान व राजभवन मार्च का आह्वान

समस्तीपुर : शहर के बी.आर.बी. कॉलेज परिसर में समता आंदोलन के तहत आइसा, आरवाईए, भीम…

5 घंटे ago

समस्तीपुर : KYC अनिवार्यता व नए नियमों से गैस उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी, गैस किल्लत की अफवाह के बीच नए नियम बने मुसीबत

समस्तीपुर : रसोई गैस को लेकर इन दिनों उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ती जा रही है।…

6 घंटे ago