पटना हाईकोर्ट ने जाति आधारित गणना पर रोक लगा दी है। अब बिहार सरकार ने हाई कोर्ट के सामने प्रेयर किया है कि सुनवाई जल्द से जल्द की जाए, ताकि आगे का काम किया जा सके। अगली सुनवाई की तारीख 3 जुलाई 2023 को है। यह अब से 2 महीने के बाद है।
जाति आधारित गणना का काम 80% पूरा तो कर लिया गया है, लेकिन उसे 100% करने के लिए वक्त की जरूरत है। 15 मई तक इसे पूरा किया जाना था। लेकिन हाईकोर्ट के फैसले के बाद इसे रोक दिया गया है। अब बिहार सरकार की तरफ से एडवोकेट जनरल पी के शाही ने इस पर जल्द सुनवाई करने की गुहार लगाई है।
रोक के बाद राजनीति भी गर्म
हाईकोर्ट की रोक के बाद बिहार की राजनीति काफी गर्म है। सत्तारूढ़ दल की तरफ से आरोप लगाया जा रहा है कि भाजपा की मंशा थी कि वह जाति आधारित गणना ना होने दें। हालांकि भाजपा के तमाम नेता यह कहते नजर आ रहे हैं कि बिहार सरकार यानी कि नीतीश कुमार की गलत नीतियों की वजह से जाति आधारित गणना पर हाईकोर्ट ने रोक लगाई है।
मामले में बिहार के सीनियर वकील वाई वी गिरी के अनुसार सरकार ने भले हाई कोर्ट के सामने प्रेयर किया है। लेकिन, यह भी स्पष्ट है कि यदि हाईकोर्ट इसकी जल्द से जल्द सुनवाई नहीं करता है तो बिहार सरकार जातिगत गणना जल्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में प्रेयर कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट से पूरे मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगा सकती है।
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