पटना हाइकोर्ट ने फर्जी कागजात के आधार पर सरकारी अनुदान लेने वाले सीतामढ़ी जिले के 88 मदरसों के खिलाफ चल रही सीआइडी जांच चार माह में पूरी कर रिपोर्ट देने को कहा है. इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराते हुए जांच का जिम्मा अपराध अनुसंधान विभाग (सीआइडी) को सौैंपा है. पटना हाइकोर्ट के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश चक्रधारी शरण सिंह की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने बुधवार को सीतामढ़ी जिले के मो अलाउद्दीन बिस्मिल की लोकहित याचिका पर सुनवाई की. हाइकोर्ट ने सीआइडी को चार माह में रिपोर्ट देने को कहा है. तब तक जिन मदरसों के खिलाफ जांच चल रही है, उनके सरकारी अनुदान पर रोक रहेगी.
सुनवाई चार माह बाद फिर होगी. याचिकाकर्ता ने बताया कि मदरसों की अनियमितता की शिकायत मिलने पर सरकार द्वारा जिला स्तरीय और राज्यस्तरीय कमेटी का गठन कर जांच करायी गयी और आरोप सही पाया गया है. कोर्ट को बताया गया कि अनियमितता की शिकायत मिलने पर सरकार द्वारा जिला स्तरीय और राज्यस्तरीय कमेटी का गठन कर इसकी जांच करायी गयी और यह पाया गया कि आरोप सही है. तब इन मदरसों को मिलने वाली वित्तीय सहायता पर रोक लगा दी गयी. राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि 88 मदरसों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सीआईडी से जांच करायी जा रही है.
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