मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 2025 का बिहार विधानसभा चुनाव तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लड़ने की घोषणा के बाद जेडीयू और आरजेडी के विलय की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, जेडीयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने इसे हवाबाजी बताया है। उन्होंने कहा कि जेडीयू और आरजेडी के विलय की चर्चा हवा में है। जिस दिन हमने मर्जर स्वीकार कर लिया, यह आत्मघाती कदम साबित होगा।
जेडीयू नेता उपेंद्र कुशवाहा ने बुधवार को न्यूज 18 से बातचीत में कहा कि अभी महागठबंधन का पूरा फोकस 2024 के लोकसभा चुनाव पर है। 2024 का चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व पर लड़ा जाएगा। 2025 के विधानसभा चुनाव की अभी बात नहीं करनी चाहिए। जेडीयू-आरजेडी के विलय की अटकलों से उन्होंने पूरी तरह इनकार कर दिया।
कुशवाहा ने कहा कि आखिर कोई कैसे मर्जर स्वीकार कर लेगा। जेडीयू और आरजेडी के विलय की चर्चा हवा में है। अगर हमने विलय स्वीकार कर लिया तो यह हमारे लिए आत्मघाती कदम साबित होगा। मर्जर के बाद सब खत्म हो जाएगा, फिर बचेगा ही क्या।
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि करोड़ों लोग गरीब पिछड़ों के अरमानों की पार्टी जेडीयू है। इसके अस्तित्व को खत्म करने की कहीं से बात आ रही है तो इसमें कोई सच्चाई नहीं है। बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा तेजस्वी यादव को अपना उत्तराधिकारी घोषित करने के बाद आरजेडी और जेडीयू के विलय की चर्चा जोरों पर है।
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