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भारत में पहली बार पीने के लिए गंगा के बाढ़ का पानी होगा इस्तेमाल, सीएम नीतीश अपने ड्रीम प्रोजेक्ट का आज करेंगे उद्घाटन

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार को राजगीर में बाढ़ के पानी को पेयजल के रूप में उपयोग करने की देश की पहली गंगा जल आपूर्ति योजना का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही वे राजगीर शहर में ‘हर घर गंगाजल’ की आपूर्ति का शुभारंभ भी करेंगे। अगले दिन यानी 28 नवंबर को मु़ख्यमंत्री गया और बोधगया में योजना का लोकार्पण करेंगे। योजना के दूसरे चरण में जून 2023 तक नवादा में भी ‘हर घर गंगाजल’ पहुंचाने का लक्ष्य है। रविवार लोकार्पण समारोह में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, वित्त, वाणिज्यकर एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, जल संसाधन तथा सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री संजय कुमार झा के अलावा अनेक सांसद, विधायक व अन्य गणमान्य मौजूद रहेंगे।

भारत में पहली बार, पीने के लिए इस्तेमाल होगा गंगा के बाढ़ का पानी

देश की सबसे लंबी नदी गंगा करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। हर शुभ अवसर पर गंगा के पवित्र जल का इस्तेमाल होता है। लेकिन बाढ़ के समय में गंगा रौद्र रूप धारण कर कई शहरों को डूबोती भी है। अब बिहार में हर घर गंगाजल स्कीम के तहत गंगा के बाढ़ के पानी को पीने के पानी में इस्तेमाल किया जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत बिहार के उन जिलों में भी गंगा जल पहुंचेगा, जो गंगा से कोसों दूर है।

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दरअसल बिहार सरकार ने ‘हर घर गंगाजल’ को सफलतापूर्वक लागू किया। इस स्कीम के तहत बिहार के बोधगया, गया और राजगीर में इसी महीने से पेयजल के रूप में गंगाजल की आपूर्ति शुरू होगी। गंगा जल को स्वच्छ, शुद्ध और संसाधित कर इन जिलों में घर-घर तक पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इन स्थानों के लिए बाढ़ के पानी को पीने के पानी में बदलने की पहल की क्योंकि उनकी भौगोलिक स्थिति के कारण गंगा के पानी तक उनकी पहुंच नहीं है।

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नदी के पानी को जलाशयों में किया जाएगा संग्रहित

बिहार के इन जिलों में पानी की अनुपलब्धता के कारण साल भर गंभीर पेयजल समस्या का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को दूर करने के लिए एक दुर्लभ अवधारणा और भारत में अपनी तरह की पहली परियोजना शुरू की गई, जहां मानसून के दौरान अतिरिक्त नदी के पानी को जलाशयों में संग्रहित किया जाएगा और बाद में 365 दिनों तक लोगों को पीने योग्य पानी की आपूर्ति की जाएगी।

पहले चरण में राजगीर, गया और बोधगया में होगी आपूर्ति

परियोजना का पहला चरण, पूरी तरह से तैयार है। परियोजना पहले चरण में राजगीर, गया और बोधगया शहरों में संग्रहित पानी की आपूर्ति करके इस मांग को पूरा करेगी। इस परियोजना के महत्व का अनुमान इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि दिसंबर 2019 में बोधगया में एक विशेष कैबिनेट बैठक बुलाई गई थी, जिसमें माननीय मुख्यमंत्री ने इन ऐतिहासिक शहरों में गंगा जल लाने के अपने संकल्प की घोषणा की थी।

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हाथीदह, राजगीर, तेतर और गया में बनाए गए चार पंप हाउस

हाथीदह से राजगीर में बने डिटेंशन टैंक में पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए पानी भेजा जाता है। कुल चार पंप हाउस बनाए गए हैं। वे हाथीदह, राजगीर, तेतर और गया में हैं। इस परियोजना में राजगीर (9.915 M.Cu.M), तेतर (18.633 M.Cu.M), और गया (0.938 M.Cu.M) में सक्रिय क्षमता वाले तीन भंडारण जलाशय हैं।

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प्रति व्यक्ति 135 लीटर प्रतिदिन के हिसाब से होगी जलापूर्ति

इन जलाशयों से राजगीर में 24 एमएलडी, मानपुर में 186.5 एमएलडी और गया में अलग-अलग क्षमता के तीन अलग-अलग जल उपचार संयंत्रों (डब्ल्यूटीपी) में पानी पंप किया जाएगा। इसके अलावा, कंपनी ने 132 केवी/33 केवी और 33 केवी/11 केवी क्षमता के दो बिजली सबस्टेशन बनाए हैं, 151 किमी लंबी पाइपलाइन बिछाई है, चार पुल बनाए हैं और एक रेल ओवर ब्रिज बनाया है।

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