बिहार में बालू की कीमतें पहले से और ज्यादा बढ़ने वाली हैं। नीतीश कैबिनेट ने आज जो फैसला लिया है उसके बाद बिहार में बालू की कीमतें बढ़नी तय मानी जा रही है। दरअसल, सरकार ने अब बालू घाटों की बंदोबस्ती को लेकर आज एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मुहर लगाई है। कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव लाया गया था कि बालू घाटों की ई नीलामी 5 साल के लिए की जाए। साथ ही साथ बालू की मात्रा और घाटों की स्थिति को देखते हुए दर तय करने का भी फैसला किया गया।
कैबिनेट में जो प्रस्ताव लाया गया है उसके बाद अब कई बालू घाटों की बंदोबस्ती दर में दोगुनी कर दी गई है। सोन नदी के अलावे क्यूल, फल्गु, चानन और मोरहर नदी की बालू बंदोबस्ती दरें अब दोगुनी होंगी। पहले यहां ₹75 प्रति घन मीटर के हिसाब से बंदोबस्ती होती थी लेकिन अब इसे बढ़ाकर डेढ़ सौ रुपए प्रति घन मीटर कर दिया गया है।
सरकार के इस फैसले का सीधा असर बालू की कीमतों पर पड़ेगा। भवन निर्माण कार्य के साथ-साथ अन्य तरह के निर्माण कार्य इससे प्रभावित होंगे। रियल एस्टेट सेक्टर भी पहले से ज्यादा महंगा होगा। वैसे लोग जो अपना आशियाना बनाना चाहते हैं, उन्हें भी बालू की बढ़ी कीमतों का सामना करना पड़ेगा।
कैबिनेट के अन्य फैसले:
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में जल संसाधन विभाग के अंतर्गत जिस प्रस्ताव को मंजूरी दी है उसके मुताबिक मधुबनी जिले के लौकही प्रखंड में विपुल नदी पर लक्ष्मीपुर गांव के पास वीयर योजना का निर्माण कराने के लिए 68 करोड़ से ज्यादा की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इसके अलावे सरकार ने सामान्य प्रशासन विभाग से जुड़े जिस एजेंडे को मंजूरी दी है उसके मुताबिक साल 2023 के लिए बिहार सरकार के कार्यालयों में अवकाश और निगेसीएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के अंतर्गत बिहार में अवकाश की घोषणा की गई है।
कैबिनेट ने समग्र शिक्षा अभियान के तहत काम करने वाले शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए केंद्र की तरफ से कम राशि उपलब्ध होने के कारण कुल 94 अरब 40 लाख के अनुदान को स्वीकृति दी है। साथ ही साथ नए बालू घाटों की नीलामी को लेकर भी कैबिनेट ने प्रस्ताव पास किया है। इसमें ने बालू घाटों की आगामी 5 साल के लिए बंदोबस्ती ई नीलामी से कराने के लिए पहले साल के लिए डिपॉजिट राशि का निर्धारण जिला सर्वेक्षण प्रतिवेदन में अंकल खनन योग्य बालू की मात्रा और उसके स्वामित्व के आधार पर किए जाने की स्वीकृति दी गई है। साथ ही साथ लघु खनिज बालू के स्वामित्व दर के पुनरीक्षण के लिए बिहार खनिज समानुदान, अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण नियम और नियमावली 2019 की अनुसूची 3 क में संशोधन के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
इसके साथ ही विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के तहत उद्योग विभाग, बिहार सरकार के अधीन स्थापित बिहार रेशम एवं वस्त्र संस्थान, भागलपुर को टेक्सटाइल एवं अन्य अभियंत्रण शाखा में डिप्लोमा स्तरीय पाठ्यक्रम के लिए राजकीय पोलिटेकनिक (टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी) भागलपुर के रूप में संचालित करने एवं इस हेतु बिहार रेशम एवं वस्त्र संस्थान, भागलपुर के अधीन कुल 7.12 एकड़ भूमि एवं उसपर निर्मित भवन सहित अन्य परिसम्पत्तियों विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग बिहार सरकार को हस्तान्तरित करने की स्वीकृति दी गई है।
इसके अवाला कृषि विभाग के तहत राज्य स्कीम मद से वित्तीय वर्ष 2022-23 में सब मिन अन एग्रीकल्चरल एक्सटेशन के कार्यान्वयन के लिए संविदा आधारित नियोजित कर्मियों के लिए नियत मानदेव एवं ई०पी०ए० की राशि बामेती परिसर का प्रबंधन एवं प्रसार कार्यक्रम के लिए कुल 336298.96 की राशि स्वीकृत की गई है। जबकि पिछडा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अन्तर्गत संचालित 12 एवं प्रस्तावित 27 यानि कुल 39 अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय +2 उच्च विद्यालय के लिए विभिन्न कोटि के 1092 शैक्षणिक पद एवं 273 गैर शैक्षणिक पद यानि कुल-1305 पदों के सृजन, वेतनमान तथा स्थापना के लिए 49,49,51,512 रुपए की स्वीकृति दी गई है।
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