बिहार में भ्रष्टाचार की सूचना देने पर अब दिया जाएगा इनाम, दोषी के अवैध कमाई का दो फीसदी हिस्सा मिलेगा

बिहार सरकार की ओर से लगातार भ्रष्ट अधिकारियों पर नकेल कसी जा रही है. अब तक 50 भ्रष्ट इंजीनियरों पर कार्रवाई की गई है, जिसमें जूनियर अभियंता से लेकर बड़े अभियंता तक शामिल हैं. भ्रष्ट अधिकारियों पर नकेल कसने के लिए बिहार पुलिस मुख्यालय ने अपने तीनों एजेंसियों को जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्य करने का निर्देश दिया है.मिल रही जानकारी के अनुसार अब भ्रष्ट अधिकारियों की जानकारी देने वाले लोगों को 50 हजार इनाम देने का फैसला किया है ताकि ज्यादा से ज्यादा भ्रष्ट अधिकारियों को पकड़ा जा सके.

50 हजार तक प्रोत्साहन राशि के साथ 5 लाख तक हिस्सा भी: 

मिल रही जानकारी के अनुसार भ्रष्ट अफसरों पर नकेल कसने के लिए निगरानी विभाग ने सूचना देने वालों को इनाम देने की व्यवस्था की है. सूचना सही पाये जाने पर गुप्त सेवा कोष से एक हजार से 50 हजार तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. कोर्ट में दोष सिद्ध होने पर अधिकारी की संपत्ति जब्ती आदि से सरकार को जो आय होगी उसका दो फीसदी हिस्सा भी दिया जायेगा. हालांकि, अधिकतम राशि पांच लाख निर्धारित कर दी गई है. गवाहों को भी अब ट्रेन-बस का पूरा भाड़ा देने के अलावा 200 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से अलग से देने का नियम है.

संजय कुमार राय के ठिकानों से मिला सर्वाधिक 5.37 करोड़ कैश :

दअरसल ग्रामीण कार्य विभाग के किशनगंज प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता संजय कुमार राय के ठिकानों से पांच करोड़ 37 लाख रुपये की बरामदगी अब तक की सबसे बड़ा नकदी की जब्ती है.इससे पहले ड्रग इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार के यहां से सबसे अधिक 4.20 करोड़ कैश बरामद हुआ था. बिहार में विजिलेंस ने 31 दिसंबर तक 4517 लोगों को भ्रष्टाचार में पकड़ा है. इन सब में नोटों से भरे बैगों का बिस्तर लगाकर सोने वाले इंजीनियर भी हैं. विजिलेंस ने ग्रामीण कार्य विभाग के करीब 50 इंजीनियरों पर कार्रवाई की है. इनमें चीफ इंजीनियर से लेकर जूनियर इंजीनियर तक शामिल हैं.

इंजीनियरों पर हो रही कार्रवाई :

इओयू ने बीते दिनों जिन सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की थी, उसमें इंजीनियरों की संख्या सबसे अधिक है. दो साल पहले गोपालगंज में तैनात रहे कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग, कार्यपालक अभियंता पीएचइडी-तिरहुत नहर अंचल के एसई,पथ निर्माण विभाग खगड़िया में तैनात रहे कार्यपालक अभियंता, मुजफ्फरपुर प्रमंडल के भवन निर्माण विभाग के एक मंडल कार्यपालक अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन कार्य प्रमंडल एक, पटना के एक कार्यपालक अभियंता , सोनपुर में तैनात रहे पीएचइडी के कनीय अभियंता और ग्रामीण कार्य विभाग पटना के एक कार्यपालक अभियंता आदि की संपत्ति जब्त करने की सिफारिश की थी. भ्रष्टाचार रोकने के लिए जिला स्तर पर विजिलेंस कोषांग गठित है. उससे जुड़े कार्यों की नियमित समीक्षा डीएम को हर सात दिन पर करनी है.

Avinash Roy

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