दीपावली में अलर्ट मोड में रहेंगे समस्तीपुर जिले के सभी अस्पताल, डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द

समस्तीपुर : दीपावली और छठ महापर्व के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को अलर्ट मोड में रखा गया है। श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से लेकर सदर अस्पताल और सभी पीएचसी को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार 17 नवंबर तक जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों, नर्सों, पारा मेडिकल कर्मियों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के अवकाश पर रोक लगा दी गई है।

इस अवधि में सामान्य परिस्थितियों में किसी भी स्वास्थ्यकर्मी को छुट्टी नहीं दी जाएगी। सभी अस्पतालों में 24 घंटे आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं बहाल रखने का निर्देश दिया गया है। दीपावली के दौरान पटाखों से आग लगने, लोगों के झुलसने और अन्य दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए अस्पतालों में विशेष इंतजाम किए गए हैं। सदर अस्पताल में आपातकालीन बर्न के लिए एक दर्जन से अधिक बेड खाली रखे गए हैं, ताकि झुलसने वाले मरीजों को तत्काल भर्ती कर उपचार किया जा सके। इसके अलावा जनरल सर्जरी, नेत्र रोग, हड्डी रोग और एनेस्थीसिया विभाग के चिकित्सकों की भी ड्यूटी लगाई गई है। डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द कर उन्हें जरूरत के अनुसार उपलब्ध रहने का निर्देश दिया गया है।

बर्न और आईसीयू वार्ड में विशेष व्यवस्था :
सदर अस्पताल के डीएस डॉ. गिरीश कुमार ने बताया कि दीपावली के दौरान पटाखों से जलने, आंखों में चोट लगने और धुएं के कारण सांस लेने में परेशानी जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए अस्पताल पूरी तरह तैयार रहेगा। इसके लिए जरूरी दवाइयों, पट्टियों, सर्जिकल सामान, आईवी फ्लूइड और ऑक्सीजन का पर्याप्त स्टॉक रखने का निर्देश दिया गया है। बर्न वार्ड के साथ क्रिटिकल केयर बेड और वेंटिलेटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि गंभीर मरीजों को बिना देरी के बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।

अग्नि सुरक्षा को लेकर भी विशेष सतर्कता:
अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखने का निर्देश दिया गया है। खासकर ऑक्सीजन प्लांट, सिलिंडर भंडार और संवेदनशील वार्डों के आसपास विशेष निगरानी रखी जाएगी। अस्पताल परिसर में दीये, मोमबत्ती और पटाखों के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसके लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को सतर्क रहने को कहा गया है, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हो।

102 समेत सभी एंबुलेंस सेवाएं रहेंगी अलर्ट :
त्योहार के दौरान मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए 102 समेत अन्य एंबुलेंस सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया है। सभी एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलिंडर, प्राथमिक उपचार किट, जीवनरक्षक उपकरण और जरूरी दवाइयां उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया है। एंबुलेंस चालकों और टेक्नीशियनों को भी पूरी तैयारी के साथ ड्यूटी पर रहने को कहा गया है। साथ ही वाहनों में पर्याप्त ईंधन रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि सूचना मिलते ही एंबुलेंस घटनास्थल के लिए रवाना हो सके।

झुलसने पर क्या करें :
1. जलने पर उस पर तुरंत 15 से 20 मिनट तक सामान्य बहता पानी डालें। इससे जलन कम होगी और छाले या गहरे घाव का जोखिम घटेगा।
2. जले हुए स्थान पर टूथपेस्ट, तेल या कोई अन्य लेप न लगाएं, इससे गंभीर इंफेक्शन फैल सकता है।
3. अनार, बम या रॉकेट हाथ में लेकर न जलाएं। काबाईड/पोटाश वाली गन से बचें, इनसे हाथ और आंखों में गंभीर चोट का खतरा रहता है।
4. आतिशबाजी के दौरान प्रदूषण से अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, हृदय और बीपी के मरीजों की तबीयत बिगड़ सकती है। ऐसे मरीज घर में ही रहें।

सावधानी के पांच नियम :
1. पटाखे जलाते वक्त ढीले और सिंथेटिक कपड़ों के बजाय पूरे बदन को ढकने वाले सूती कपड़े पहनें।
2. रॉकेट या आतिशबाजी हमेशा खुले मैदान में करें, तंग गलियों में कतई नहीं।
3. आतिशबाजी के पास पानी व रेत से भरी बाल्टी जरूर रखें। आंखों पर चश्मा पहनना बेहतर है।
4. एक बार में न फटने वाले पटाखों को दोबारा हाथ से छूने या देखने की गलती न करें।
5. बच्चों को कभी भी अकेले पटाखे न जलाने दें।


