समस्तीपुर में मिलावट पर निगरानी सुस्त, तीन-तीन जिलों के प्रभार में फूड सेफ्टी ऑफिसर, कार्यालय में लटका रहता है ताला

समस्तीपुर : त्योहारों के मौसम में दूध, मावा, पनीर, घी और मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर चिंता भी बढ़ जाती है। कई बार मिलावट सामान्य जांच में पकड़ में नहीं आती और इसकी पुष्टि के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से सैंपल लेकर लैब में जांच कराने भेजा जाता है। एफएसएसएआई की ओर से घरेलू स्तर पर कुछ खाद्य पदार्थों में मिलावट के शुरुआती संकेत पहचानने के तरीके बताए गए हैं।
समस्तीपुर जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने अक्टूबर माह में 23 सैंपल लिए, उनमें कितने असुरक्षित या अमानक मिले, कितने मामलों में नोटिस या जुर्माना हुआ, कितने अभियोजन स्वीकृत हुए और कितने मामले अदालत में लंबित हैं, इसकी जानकारी जिला फूड सेफ्टी ऑफिसर रामा स्वामी वेंकेंट रमन शर्मा नहीं दे सके। उन्होंने सिर्फ इतना बताया की शहर के स्टेशन चौक स्थित एक होटल का लाइसेंस रद्द किया गया है। वहीं दूसरी ओर उक्त होटल के द्वारा फिर से नाम बदलकर लाइसेंस के लिए आवेदन कार्यालय में दिया गया है। इसके अलावे होटल अभी भी संचालित है।

इसी तरह, जिले में कितने मामलों में नमूने फेल हुए, उनमें संबंधित कारोबारी के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई और जिन मामलों में अभियोजन शुरू हुआ, उनका वर्तमान स्टेटस क्या है, यह जानकारी भी कार्यालय की ओर से नहीं दी गयी। Samastipur Town Media की टीम जब एफएसएसएआई के जिला कार्यालय पर पहुंची तो वहां ताला लटका हुआ था। पूछे जाने पर जिला फूड सेफ्टी ऑफिसर रामा स्वामी वेंकेंट रमन शर्मा ने बताया कि वह समस्तीपुर समेत दरभंगा और मधुबनी जिले के भी प्रभार में हैं। कार्यालय में एक भी कर्मी नहीं है। फिल्ड में रहने के कारण कार्यालय में ताला लटका है।

धड़ल्ले से बेची जा रही रंग-बिरंगी मिलावटी मिठाइयां :
स्थानीय बाजारों में धड़ल्ले से बेची जा रही रंग-बिरंगी और आकर्षक मिठाइयां दरअसल लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन चुकी हैं। इस काले कारोबार की जब गहराई से पड़ताल की गई, तो जो सच सामने आया वह बेहद चौंकाने वाला है। हिंदुस्तान की पड़ताल में ये बात सामने आई कि भले ही जिले में बिक रही मिठाइयों की गुणवत्ता से लेकर इसकी स्वच्छता के स्तर पर प्रश्न खड़े हो रहे हैं, परन्तु मामले में कार्रवाई की रफ्तार काफी धीमी है। सैंपल कलेक्शन की प्रक्रिया भी काफी धीमी चल रही है। हालांकि विगत महीने से सैंपल एकत्र करने की रफ्तार बढ़ी है। अक्टूबर महीने में कुल 23 सैंपल एकत्र किए गए थे। इसमें से एक भी सैंपल की टेस्ट लैब रिपोर्ट नहीं आयी है।



