समस्तीपुर में मध्याह्न भोजन योजना पर संकट, भुगतान नहीं हुआ तो 12 अक्टूबर से राशन देना बंद करेंगे वेंडर

समस्तीपुर : जिले में पीएम पोषण योजना (मध्याह्न भोजन योजना) के संचालन पर संकट मंडराने लगा है. मई 2026 से परिवर्तन मूल्य की राशि का भुगतान वेंडरों को नहीं मिलने से प्रधानाध्यापकों में नाराजगी है. इस संबंध में जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले 400 से अधिक प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों के हस्ताक्षर वाला 49 पन्नों का सामूहिक ज्ञापन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मध्याह्न भोजन योजना) को सौंपा गया है. इससे पहले एक अक्टूबर 2026 को भी विभाग को समस्या से अवगत कराया गया था. समाधान नहीं निकलने पर शिक्षकों ने दोबारा ज्ञापन सौंपा है.
मई से अटका है वेंडरों का भुगतान
शिक्षकों के अनुसार, जून 2026 में मई महीने के खर्च का आवंटन विद्यालयों के खातों में आ गया था. समय पर प्रिंट भुगतान सलाह (पीपीए) भी जमा कर दी गयी थी, लेकिन बैंक की लापरवाही के कारण राशि वेंडरों के खातों में नहीं पहुंच सकी. इसके बाद से भुगतान लंबित है. मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक के आदेश के अनुसार, अब एसएनए स्पर्श मॉड्यूल के तहत बकाया भुगतान करने का अधिकार प्रखंड साधन सेवी, लेखापाल और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को दिया गया है. हालांकि, प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी नहीं होने से भुगतान अटका हुआ है.

12 अक्टूबर से आपूर्ति बंद करने की चेतावनी
भुगतान में देरी के कारण वेंडरों का प्रधानाध्यापकों पर से भरोसा उठने लगा है. उन्होंने आगे राशन और अन्य सामग्री की आपूर्ति करने से मना कर दिया है. वेंडरों ने चेतावनी दी है कि यदि 10 अक्टूबर 2026 तक बकाया राशि का भुगतान नहीं हुआ, तो 12 अक्टूबर से आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी जाएगी. ऐसी स्थिति में जिले के विद्यालयों में मध्याह्न भोजन तैयार करने में परेशानी हो सकती है. शिक्षकों और संयुक्त शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने कहा है कि सामग्री के अभाव में योजना बंद होने की स्थिति में विभाग की जवाबदेही होगी.




