इलाज के दौरान महिला सिपाही की मौत मामले में अस्पताल प्रबंधन ने शुरू की जांच, तीन डॉक्टरों से मांगा गया स्पष्टीकरण, डीएस को सौंपी गई जांच की जिम्मेदारी

समस्तीपुर : सदर अस्पताल के आईसीयू में गुरुवार की रात इलाज के दौरान महिला सिपाही मालती कुमारी की मौत के बाद इलाज में लापरवाही व आईसीयू से डॉक्टर के गायब रहने के आरोप के बाद अब अस्पताल प्रबंधन ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। मामले को लेकर समस्तीपुर पुलिस एसोसिएशन की ओर से कड़ा रुख अपनाए जाने के बाद सिविल सर्जन डॉ. राजीव कुमार ने भी कार्रवाई शुरू करते हुए आईसीयू और इमरजेंसी में तैनात तीन डॉक्टरों से स्पष्टीकरण मांगा है।
सिविल सर्जन के आदेश पर इमरजेंसी में तैनात डॉ. संतोष कुमार, आईसीयू के नोडल पदाधिकारी डॉ. सत्येंद्र कुमार तथा रोस्टर के अनुसार आईसीयू में ड्यूटी पर लगाए गए डॉ. एआर श्रीवास्तव से स्पष्टीकरण मांगा गया है। बताया गया है कि महिला सिपाही मालती कुमारी की मौत के मामले में इलाज और चिकित्सकों की मौजूदगी को लेकर सवाल उठने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने यह कदम उठाया है।


वहीं, अस्पताल के आईसीयू में डॉक्टरों के समय पर उपलब्ध नहीं रहने को लेकर पहले भी शिकायतें और सवाल उठते रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर Samastipur Town Media ने पूर्व में भी कई बार खबरें प्रकाशित कर अस्पताल की व्यवस्था और आईसीयू में चिकित्सकों की अनउपलब्धता का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। सिविल सर्जन डॉ. राजीव कुमार ने मामले की जांच की जिम्मेदारी अस्पताल के डीएस डॉ. गिरीश कुमार को सौंपी है। उनसे पूरे घटनाक्रम की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। अस्पताल प्रबंधन यह पता लगाने में जुटा है कि घटना के समय आईसीयू और इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक एवं कर्मी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार मौजूद थे या नहीं।

सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल में ड्यूटी के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कार्य में कोताही बरतने वाले डॉक्टरों और कर्मियों को चेतावनी देते हुए कहा कि स्पष्टीकरण का जवाब मिलने और जांच पूरी होने के बाद यदि किसी चिकित्सक या कर्मी की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच में घटना के समय आईसीयू की ड्यूटी व्यवस्था, डॉक्टर की उपस्थिति और महिला सिपाही को उपलब्ध कराए गए उपचार की स्थिति की भी पड़ताल की जाएगी।



