13 वर्ष की उम्र में यशिता ने लिखी ‘It’s Gen Z!’, किताब में Gen Z की सोच, भावनाओं और अनुभवों को दी शब्दों की अभिव्यक्ति
बिहार के बेगूसराय जिले के तेयाय गांव की रहने वाली 13 वर्षीय यशिता भारद्वाज ने कम उम्र में लेखन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। यशिता द्वारा लिखी गई उनकी पहली पुस्तक ‘It’s Gen Z!’ कुवैत में प्रकाशित हुई है। वर्तमान में यशिता अपने परिवार के साथ कुवैत में रहकर पढ़ाई कर रही हैं। ‘It’s Gen Z!’ में यशिता ने अपनी पीढ़ी को केवल सोशल मीडिया, ट्रेंड्स और डिजिटल दुनिया से जोड़कर देखने के बजाय उसके विचारों, अनुभवों, भावनाओं, उलझनों और सपनों को समझने का प्रयास किया है।
पुस्तक में सोशल मीडिया, पहचान, दोस्ती, अपेक्षाएं, भावनाएं और आज के किशोर जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को एक युवा की नजर से प्रस्तुत किया गया है। यशिता का मानना है कि Gen Z ऐसी पीढ़ी है, जिसने पारंपरिक दुनिया के साथ-साथ तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया को भी करीब से देखा है। इसलिए यह पीढ़ी कई मुद्दों पर सवाल करती है, अपनी राय रखती है और बदलाव की इच्छा भी व्यक्त करती है।
पुस्तक का उद्देश्य Gen Z को किसी एक परिभाषा में बांधना नहीं, बल्कि उसकी आवाज और अनुभवों को सामने लाना है। महज 13 वर्ष की उम्र में पहली पुस्तक लिखकर यशिता ने यह संदेश दिया है कि प्रतिभा और विचारों की अभिव्यक्ति उम्र की मोहताज नहीं होती। कुवैत में पुस्तक के प्रकाशन से उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी लेखन प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिला है। साथ ही, उन्होंने अपने गांव तेयाय, बेगूसराय और बिहार का नाम विदेश में रोशन करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया है। यशिता की इस उपलब्धि को उनके परिवार और क्षेत्र के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है। ‘It’s Gen Z!’ के माध्यम से उन्होंने अपनी पीढ़ी के अनुभवों और विचारों को शब्द देने का प्रयास किया है।


