परीक्षा में सुधार के लिए बिहार सरकार की पहल, 5 सदस्यीय समिति का होगा गठन, पेपर लीक पर लगेगी लगाम

राज्य सरकार के अधीन विभिन्न परीक्षा बोर्ड, आयोगों, विश्वविद्यालयों एवं अन्य भर्ती एजेंसियों द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं में बड़े स्तर पर परीक्षा सुधार की अनुशंसा के लिए ‘परीक्षा सुधार पर एक विशेषज्ञ समिति’ का गठन होगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस आशय की अधिसूचना जारी की है।
परीक्षा प्रणाली को और अधिक विश्वसनीय बनाने की पहल
वर्तमान समय में अभ्यर्थियों की बढ़ती संख्या, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा के विस्तार, प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, डिजिटल तकनीक के उपयोग तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आगमन के कारण परीक्षा प्रक्रिया का स्वरूप अधिक जटिल हुआ है।


इसे ध्यान में रखते हुए राज्य में वर्तमान परीक्षा प्रणाली की व्यापक समीक्षा कर ऐसी व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया जाएगा, जो निष्पक्ष, सुरक्षित, पारदर्शी, तकनीकी रूप से सक्षम, समयबद्ध, योग्यता-उन्मुख, सुलभ और विश्वसनीय हो।
इनकी होगी समीक्षा
1. माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक परीक्षाएं।
2. विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं।
3. व्यावसायिक एवं तकनीकी परीक्षाएं।
4. प्रवेश एवं पात्रता परीक्षाएं।
5. भर्ती एवं प्रतियोगिता परीक्षाएं।

परीक्षा प्रशासन और जवाबदेही पर जोर
समिति बिहार में परीक्षाओं के संचालन से जुड़े मौजूदा संस्थागत ढांचे और आधारभूत संरचनाओं की समीक्षा करेगी। परीक्षा बोर्डों, आयोगों, विश्वविद्यालयों, विभागों, जिला प्रशासन तथा परीक्षा केंद्रों की भूमिकाओं एवं जिम्मेदारियों की भी समीक्षा की जाएगी।
परीक्षा प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में विफलता के लिए जवाबदेही तय करने तथा व्यवस्था में आवश्यक सुधार के लिए भी समिति अनुशंसा करेगी।

परीक्षा कैलेंडर तैयार करने की अनुशंसा
समिति परीक्षाओं, मूल्यांकन और परिणामों की घोषणा में होने वाली देरी के कारणों की समीक्षा करेगी तथा एक राज्य परीक्षा कैलेंडर की अनुशंसा करेगी।
इसमें विज्ञापन, आवेदन, प्रवेश-पत्र निर्गमन, परीक्षा आयोजन, प्रोविजनल उत्तर कुंजी का प्रकाशन, आपत्तियों का निपटारा, अंतिम उत्तर कुंजी का प्रकाशन, मूल्यांकन, परिणाम की घोषणा तथा जांच/पैनल मूल्यांकन और अनुशंसा भेजने के लिए अधिकतम समय-सीमा निर्धारित करने का प्राविधान किया जा सकता है।

प्रश्न-पत्र निर्माण एवं परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था में सुधार
प्रश्न-पत्रों की तैयारी की पूरी प्रक्रिया की व्यापक समीक्षा की जाएगी। इसके तहत बहु-स्तरीय प्रश्न-पत्र सेटिंग, माडरेशन, प्रशिक्षित एवं सूचीबद्ध पेपर सेटर तथा प्रश्न-पत्रों के कठिनाई स्तर के मानकीकरण जैसी व्यवस्थाओं पर अनुशंसा की जाएगी।
परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, अभ्यर्थियों की पहचान, बायोमेट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी, परीक्षकों, उत्तर पुस्तिकाओं के संग्रहण, परिवहन, सुरक्षित भंडारण, स्कैनिंग/डिजिटाइजेशन, मूल्यांकन एवं परिणाम प्रसंस्करण आदि का भी आडिट किया जाएगा।

ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक का उपयोग
परीक्षा प्रणाली को आधुनिक और तकनीक-सक्षम बनाने के लिए डिजिटल तकनीक, डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा साइबर सुरक्षा उपकरणों के उचित उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाना है।
महत्वपूर्ण तथ्य
- समिति को अपनी गठन की तिथि से तीन महीने के भीतर सरकार को अपनी अनुशंसा सौंपनी होंगी।
- माध्यमिक, उच्च माध्यमिक, विश्वविद्यालय, व्यावसायिक एवं तकनीकी, प्रवेश/पात्रता तथा भर्ती एवं प्रतियोगिता परीक्षाएं समिति के कार्यक्षेत्र में होंगी।
- प्रश्न-पत्र लीक, नकल, परीक्षा केंद्रों में हेराफेरी, उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़ तथा परिणाम में अनाधिकृत हस्तक्षेप जैसी गड़बड़ियों पर प्रभावी रोक की व्यवस्था की समीक्षा।
- परीक्षा प्रक्रिया में डिजिटल तकनीक, डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा उपकरणों के उचित उपयोग पर जोर
- परीक्षा संचालन, प्रश्न-पत्र निर्माण, मूल्यांकन, परिणाम एवं शिकायत निवारण सहित पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ाने की अनुशंसा।
- प्रश्न-पत्र एवं उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षित ट्रैकिंग के लिए चेन ऑफ कस्टडी प्रोटोकॉल विकसित करने पर विचार
- परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, बायोमेट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षित परिवहन एवं डिजिटल ट्रांसमिशन की समीक्षा
