राजन सिंह पर दर्ज हुआ फेक किन्नर का FIR, पटना में बनवाना चाहते हैं नरेंद्र मोदी का मंदिर, प्रेस क्लब में कराया था ‘मोदी चालीसा’ का पाठ

बिहार सरकार को पीएम मोदी का मंदिर बनाने का प्रस्ताव देने वाले राजन सिंह इस समय अपने अभियानों और कानूनी विवादों को लेकर चर्चा के केंद्र में हैं। बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष राजन सिंह का दावा है कि उन्होंने बोर्ड की बैठक में मंदिर के लिए 5 एकड़ जमीन और 112 करोड़ रुपये का प्रस्ताव पास करवाकर कैबिनेट को भेजा है। हालांकि, बोर्ड की अन्य सदस्यों ने इस तरह के किसी आधिकारिक निर्णय से इनकार किया है। इस बीच, लखनऊ की एक एक्टिविस्ट ने उनके खिलाफ फर्जी किन्नर होने और समुदाय की छवि खराब करने की प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिससे विवाद बढ़ गया है।
मंदिर निर्माण प्रस्ताव और मोदी चालीसा पाठ
राजन सिंह का कहना है कि पीएम मोदी ने ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए अभूतपूर्व काम किया है, इसलिए वे पटना में उनका मंदिर बनवाना चाहते हैं। अपनी मांग को मजबूती देने के लिए उन्होंने दिल्ली के प्रेस क्लब में खुद से लिखा हुआ ‘मोदी चालीसा’ का पाठ आयोजित किया। उन्होंने घोषणा की है कि हर गुरुवार को ये पाठ जारी रहेगा। पटना में भी इसका आयोजन होगा।


किन्नर कल्याण बोर्ड में अंदरूनी विरोध
राजन सिंह के दावों के उलट, बिहार ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड की सदस्य अनुप्रिया ने मीडिया को बताया कि बोर्ड या समाज कल्याण विभाग की बैठक में मंदिर का ऐसा कोई निर्णय नहीं हुआ। उन्होंने इसे राजन सिंह की व्यक्तिगत आस्था या राजनीतिक फायदे (बीजेपी टिकट की कोशिश) की रणनीति करार दिया है।

नकली किन्नर होने का आरोप पर FIR
लखनऊ की किन्नर एक्टिविस्ट प्रियंका ने हजरतगंज थाने में राजन सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। प्रियंका का आरोप है कि राजन सिंह असली किन्नर नहीं हैं और उनकी जांच होनी चाहिए। आरोप है कि उनके इन अजीबोगरीब अभियानों से पूरे किन्नर समुदाय की साख को भारी नुकसान पहुंच रहा है।

आरोपों पर राजन सिंह का पलटवार
इन आरोपों पर सफाई देते हुए राजन सिंह ने कहा कि उनके पास वैध ट्रांसजेंडर सर्टिफिकेट है। उन्होंने एफआईआर कराने वाली एक्टिविस्ट को कांग्रेसी बताते हुए राजनीतिक साजिश करार दिया। अपने अतीत का जिक्र करते हुए राजन ने बताया कि वे दिल्ली यूनिवर्सिटी, मेरठ से पढ़ाई कर चुके हैं, राजनेता नागमणि कुशवाहा के साथ काम किया और दक्षिण दिल्ली से 2024 का चुनाव लड़कर चर्चा में आए। कुल 324 वोट मिले, मगर मीडिया में छा गए। इसके बाद बीजेपी नेताओं की इन पर नजर पड़ी।


