समस्तीपुर में स्वास्थ्य संस्थानों का होगा प्रशासनिक पुनर्गठन, प्रखंड स्तर पर बढ़ेंगे अधिकार
समस्तीपुर : जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के लिए जिला प्रशासन ने प्रखंड स्तर पर स्वास्थ्य संस्थानों के प्रशासनिक एवं वित्तीय पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। डीएम रोशन कुशवाहा के मार्गदर्शन में जिला स्वास्थ्य समिति ने इस दिशा में पहल की है। इससे स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन, वित्तीय प्रबंधन और संस्थानों के संचालन में सुधार की उम्मीद है। दरअसल, वर्ष 2006 के बाद जिले के 6 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उत्क्रमित कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया गया था, लेकिन उनके अनुरूप प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकारों का पुनर्गठन नहीं होने से कार्य संचालन में लगातार कठिनाइयां आ रही थी। इसका असर स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन, दवा व उपकरणों की उपलब्धता, मानव संसाधन प्रबंधन और अन्य प्रशासनिक कार्यों पर पड़ रहा था।
डीएम के समक्ष प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों द्वारा इस संबंध में प्रस्ताव रखने के बाद जिला स्वास्थ्य समिति ने पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू की है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत सीएचसी खानपुर, विद्यापतिनगर, मोहनपुर और बिथान तथा पीएचसी शिवाजीनगर, ताजपुर और पटोरी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को अपने प्रखंड के अंतर्गत संचालित सभी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और स्वास्थ्य उपकेंद्रों का आहरण एवं डीडीओ सहित आवश्यक प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकार दिए जाने की प्रक्रिया चल रही है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद प्रखंड स्तर पर स्वास्थ्य संस्थानों का संचालन अधिक विकेंद्रीकृत होगा। प्रशासनिक निर्णय तेजी से लिए जा सकेंगे, वित्तीय कार्य समय पर पूरे होंगे और स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार आएगा। जिला प्रशासन का कहना है कि इससे स्वास्थ्य सेवाएं अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनकेंद्रित बनेंगी तथा आम लोगों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।


