अब AI बताएगा कहां सबसे ज्यादा अपराध! बिहार पुलिस थानास्तर पर बनाएगी ‘क्राइम हॉटस्पॉट’, डायल-112 से होगी निगरानी

बिहार में अपराध पर लगाम कसने के लिए पुलिस मुख्यालय अब तकनीक का सहारा लेने जा रहा है। राज्य के सभी जिलों में थानास्तर पर सबसे अधिक अपराध वाले इलाकों को ‘क्राइम हॉटस्पॉट’ के रूप में चिन्हित किया जाएगा। इसके लिए डायल-112 पर आने वाली शिकायतों का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए विश्लेषण किया जाएगा, ताकि अपराध की प्रकृति और स्थान के अनुसार पुलिस पहले से सतर्क रह सके।
AI से होगी अपराध की मैपिंग
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, डायल-112 पर दर्ज शिकायतों का एआई आधारित विश्लेषण कर यह पता लगाया जाएगा कि किस थाना क्षेत्र में किस तरह के अपराध सबसे अधिक हो रहे हैं। इसके आधार पर संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल, गश्त और प्रो-एक्टिव पुलिसिंग की जाएगी, ताकि अपराध होने से पहले ही उसे रोका जा सके।
डायल-112 का होगा बड़ा विस्तार
आपातकालीन सेवा डायल-112 को अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), रेलवे, ट्रांसपोर्ट, निजी एंबुलेंस, ट्रॉमा सेंटर और स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (ICCC) से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा स्मार्ट सिटी के इमरजेंसी कॉल बॉक्स भी डायल-112 से लिंक किए जाएंगे। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए पुलिस वाहनों में डैश कैमरे और जवानों की वर्दी पर बॉडी-वॉर्न कैमरे लगाए जाएंगे।

हर दिन 7500 लोगों तक पहुंच रही मदद
पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, डायल-112 के जरिए प्रतिदिन औसतन 7500 नागरिकों को आपातकालीन सहायता मिल रही है। सेवा का औसत रिस्पांस टाइम 10 मिनट है। पिछले चार वर्षों में 60 लाख से अधिक लोगों को पुलिस, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस, हाईवे पेट्रोलिंग, महिला एवं बाल हेल्पलाइन जैसी सेवाओं का लाभ मिला है।
सबसे ज्यादा शिकायतें मारपीट और स्थानीय विवाद की
डायल-112 के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 35.32 लाख शिकायतें स्थानीय विवाद और मारपीट से जुड़ी रही हैं। इसके अलावा घरेलू हिंसा, महिला एवं बच्चों से जुड़े 5.29 लाख मामलों, सड़क दुर्घटना के 2.73 लाख और अगलगी के करीब 1.5 लाख मामलों में त्वरित सहायता पहुंचाई गई। वहीं ‘सुरक्षित सफर’ पहल के तहत 224 महिलाओं को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया।




