घनी आबादी से एक्सप्रेस-वे निकालने को लेकर 11 जुलाई को समस्तीपुर कलेक्ट्रेट घेराव का आह्वान

समस्तीपुर : पटना–पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण में कथित रूप से रूट परिवर्तन कर सरायरंजन बाजार की घनी आबादी से सड़क निकाले जाने का विरोध तेज हो गया है। बिहार राज्य किसान सभा ने आरोप लगाया है कि पहले एक्सप्रेसवे का एलाइनमेंट काबड़ा चौड़ क्षेत्र से प्रस्तावित था, लेकिन बाद में इसे बदलकर हरपुर बारहेत्ता, मोसिंगपुर, चिंतामनपुर, झखड़ा समेत कई गांवों की घनी आबादी वाले इलाके से ले जाने की योजना बनाई गई है।
रविवार को बिहार राज्य किसान सभा की समस्तीपुर जिला परिषद की पांच सदस्यीय टीम ने प्रभावित गांवों का दौरा कर किसानों एवं ग्रामीणों से जनसंवाद किया। किसान सभा का दावा है कि प्रस्तावित नए एलाइनमेंट से करीब 150 मकान पूरी तरह ध्वस्त हो सकते हैं। इसके अलावा क्षेत्र के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान केदार संत रामाश्रय महाविद्यालय, सरायरंजन का बड़ा हिस्सा भी भूमि अधिग्रहण की जद में आ जाएगा।

जनसंवाद के दौरान मोसिंगपुर गांव में हरेंद्र सहनी ने किसान सभा के प्रतिनिधियों को बताया कि कथित रूट परिवर्तन की जानकारी मिलने के बाद उनके पिता बैद्यनाथ सहनी गहरे सदमे में आ गए थे। उन्होंने बताया कि परिवार ने वर्षों की मेहनत से 26 कट्ठा जमीन खरीदी थी, जिस पर सभी भाइयों के घर बने हैं। जमीन और मकान दोनों अधिग्रहण की जद में आने की आशंका से उनके पिता को दिल का दौरा पड़ा और इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।

किसान सभा के नेताओं ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि यदि जबरन भूमि अधिग्रहण किया गया तो संगठन इसके खिलाफ आंदोलन करेगा। साथ ही सभी प्रभावित गांवों के लोगों से 11 जुलाई 2026 को समस्तीपुर कलेक्ट्रेट के समक्ष प्रस्तावित घेराव कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की गई।
जनसंपर्क अभियान में किसान सभा के जिला अध्यक्ष मनोज प्रसाद सुनील, जिला सचिव सत्यनारायण सिंह, संयुक्त सचिव उपेंद्र राय, सुरेश महतो एवं सुखचैन साह शामिल थे। नेताओं ने झखड़ा, सरायरंजन, भटगांमा, चिंतामनपुर और मोसिंगपुर गांवों में लोगों से संपर्क कर आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया।



