नीतीश ने आरसीपी सिंह को माफ कर दिया? घर पर मुलाकात, जेडीयू में वापसी की अटकलें शुरू

पूर्व केंद्रीय मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह उर्फ आरसीपी सिंह ने शनिवार को पटना में जेडीयू अध्यक्ष और पूर्व सीएम नीतीश कुमार से उनके आवास पर मुलाकात की। 7 सर्कुलर रोड वाले बंगले में अन्य नेताओं की मौजूदगी में दोनों के बीच मुलाकात की तस्वीर आरसीपी सिंह ने सोशल मीडिया पर शेयर की है। आरसीपी ने अपने पुराने नेता नीतीश की पार्टी से केंद्र सरकार का मंत्री बनने के बाद जेडीयू को काफी झटके दिए थे और बाद में बीजेपी में ही शामिल हो गए थे।
आरसीपी सिंह से मिलने को नीतीश की माफी के तौर पर देखा जा रहा है। सियासी गलियारे में चर्चा तेज हो गई है कि आरसीपी सिंह फिर से जदयू में शामिल हो सकते हैं। ऐसा होता है तो जेडीयू में संजय झा और ललन सिंह की बनाई नई व्यवस्था में खलल पड़ सकती है। आरसीपी सिंह की वापसी होती है तो ये अपने आप में नीतीश के बदलते मन-मिजाज का इशारा होगा।
आरसीपी सिंह ने इसे आत्मीय मुलाकात बताकर फोटो शेयर किया है, लेकिन बाहर मीडिया से बिना बात किए निकल गए। यह इशारा है कि अगर जेडीयू में वापसी उनकी चाहत है तो अभी इसके किंतु और परंतु सुलझने में समय लगेगा। आरसीपी सिंह 7 सर्कुलर रोड में करीब बीस मिनट तक रुके। अपने फेसबुक पोस्ट में आरसीपी ने लिखा- “आज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री, जनता दल (यूनाइटेड)के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद, हमारे नेता आदरणीय नीतीश बाबू से भेंट हुई। उनसे बातचीत हुई। मुलाक़ात बहुत आत्मीय रही।”

बाद में न्यूज 18 से बात करते हुए आरसीपी ने कहा कि मिलने के बाद नीतीश कुमार खुश नजर आए। मेरा जो बैकग्राउंड रहा है वह नीतीश कुमार से मिलता- जुलता है। वे हमसबों के नेता हैं। राजनीति करना है तो हम लोगों को साथ रहना चाहिए। पार्टी में अक्सर बड़े और छोटे के बीच कुछ-कुछ होता रहता है। लेकिन, समय एक जैसा नहीं रहता।
आरसीपी ने कहा कि कई महीनों से जदयू के कार्यकर्ता कहते थे कि जदयू में रहना चाहिए। हम लोगों को साथ रहना चाहिए। उसके बाद मुझे भी लगा कि अपनी तरफ से जाकर नीतीश कुमार से मिलना चाहिए। मुलाकात बहुत संक्षिप्त थी लेकिन उनका बॉडी लैंग्वेज बहुत अच्छा था। नीतीश से बातचीत के सवाल पर कहा कि हम लोगों तो हमेशा बात करते रहे हैं। जब काफी समय के बाद मुलाकात होती है तो बॉडी लैंग्वेज महत्वपूर्ण होता है। वह बहुत सही था। हमने वर्षो तक साथ मिलकर काम किया है तो एक जगह तो रहना चाहिए। आरसीपी पहले भी कई बार नीतीश कुमार को अपना अभिभावक और आदर्श नेता बता चुके हैं।

साल 2022 में जदयू की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद आरसीपी सिंह जिस तरीके से उन्हें भला-बुरा कहा था, उससे नीतीश काफी नाराज थे। आरसीपी ने जदयू छोड़ने के कुछ समय बाद बीजेपी का हाथ पकड़ लिया था, लेकिन वहां वो पूछ नहीं मिली। कुछ समय प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी में भी रहे। अब खाली चल रहे आरसीपी सिंह और नीतीश की मुलाकात ने जेडीयू की राजनीति में थोड़ी गर्माहट तो ला ही दी है।



