समस्तीपुर : शिक्षकों को शिक्षा विभाग का अंतिम अल्टीमेटम, 5 जून तक ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर प्रोफाइल लॉक न करने पर रुकेगा वेतन

समस्तीपुर : बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच एक बार फिर प्रशासनिक खींचतान तेज हो गई है. प्राथमिक शिक्षा निदेशक सज्जन आर. ने ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर शिक्षकों के डेटा प्रविष्टि की सुस्त रफ्तार पर बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. उन्होंने समस्तीपुर समेत राज्य के सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ स्थापना) को आधिकारिक पत्र जारी कर शिक्षक प्रोफाइल को शत-प्रतिशत डिजिटल लॉक करने का ‘अंतिम अवसर’ (लास्ट वार्निंग) दिया है. विभाग ने इसके लिए 5 जून 2026 की कड़ी समय-सीमा (डेडलाइन) तय की है. निर्धारित तिथि तक कार्य पूर्ण न होने पर संबंधित शिक्षकों के वेतन रोकने और दोषी अधिकारियों पर बड़ी विभागीय गाज गिरनी तय मानी जा रही है.
डिजिटल सुस्ती पर बिफरा विभाग
प्राथमिक शिक्षा निदेशक द्वारा जारी पत्र के अनुसार, पूर्व में भी कई बार शिक्षकों के व्यक्तिगत प्रोफाइल, छात्र डेटा और विद्यालय से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाओं को ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर प्रविष्ट करने के कड़े निर्देश दिए गए थे. लेकिन हालिया राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि शिक्षक प्रोफाइल को अद्यतन (अपडेट) करने की प्रगति अत्यंत धीमी और निराशाजनक है. अब भी सूबे में एक बहुत बड़ी संख्या में शिक्षकों के प्रोफाइल अधूरे पड़े हैं और कई संवेदनशील जानकारियों की प्रविष्टि तक नहीं की गई है. विभाग ने इसे अपनी शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए सुधार के लिए यह आखिरी मौका दिया है.

इन 5 उप-शीर्षों में बंटा है डेटा
विभागीय आदेश के मुताबिक, ई-शिक्षाकोष पोर्टल के नए प्रारूप में शिक्षक प्रोफाइल के अंतर्गत कुल 54 अनिवार्य फील्ड्स (कॉलम) तय किए गए हैं, जिन्हें हर हाल में शुद्धता के साथ भरा जाना आवश्यक है. इन अनिवार्य जानकारियों को पांच मुख्य उप-शीर्षों में विभाजित किया गया है :
- पंजीकरण से संबंधित सूचना (रजिस्ट्रेशन डिटेल्स)
- पदस्थापन का विवरण (पोस्टिंग हिस्ट्री और जॉइनिंग लेटर डेटा)
- व्यक्तिगत सूचना (पर्सनल डिटेल्स)
- स्थायी पता (परमानेंट एड्रेस)
- वर्तमान पता (करंट एड्रेस)
- आवासीय प्रमाण-पत्र अपलोड करना अनिवार्य

विभागीय गाइडलाइन के अनुसार, यदि किसी शिक्षक के पंजीकरण, पदस्थापन या व्यक्तिगत विवरण में पूर्व से कोई तकनीकी गलती या स्पेलिंग मिस्टेक है, तो वे स्थापना शाखा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) को साक्ष्यों के साथ लिखित आवेदन देंगे. आवेदन के आधार पर जिला स्तर से भौतिक सत्यापन होने के महज़ 48 घंटे के भीतर डेटा को ऑनलाइन री-ओपन कर सुधार दिया जाएगा और इसके तुरंत बाद डेटा पूरी तरह फ्रीज (लॉक) हो जाएगा.
इसके अतिरिक्त, राज्य के करीब 75% शिक्षकों का स्थायी पता पहले से पोर्टल पर दर्ज है. शिक्षक अपने पर्सनल लॉगिन आईडी से इसकी जांच कर सकते हैं और जरूरी होने पर जिला, ब्लॉक, पंचायत, मकान नंबर आदि को अपडेट कर सकते हैं. हालांकि, इस बार सुरक्षा और पारदर्शिता के लिहाज से पते के सत्यापन के लिए पोर्टल पर आवासीय प्रमाण-पत्र संख्या दर्ज करना और उसकी स्कैन कॉपी (PDF/Image) अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है. यदि वर्तमान और स्थायी पता एक ही है, तो शिक्षक केवल ‘चेक बॉक्स’ पर टिक करके उसे आगे बढ़ा सकते हैं.

समस्तीपुर में 26,627 शिक्षक कार्यरत
शिक्षा विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया की जमीनी मॉनिटरिंग को पारदर्शी बनाने के लिए पोर्टल पर ‘कलर-कोडिंग’ की विशेष व्यवस्था की है. डीपीओ स्थापना प्रतिदिन अपने एडमिन लॉगिन आईडी से इसकी लाइव जांच करेंगे :
हरा रंग (Green) : जिन शिक्षकों के नाम के ठीक सामने “Teacher Details” कॉलम में हरा रंग दिखाई देगा, उनकी प्रविष्टि पूर्ण और स्वीकृत मानी जाएगी.
लाल रंग (Red) : जहां लाल रंग दिखाई देगा, वहां प्रोफाइल अधूरी मानी जाएगी. ऐसे शिक्षकों से बीआरसी (BRC) के माध्यम से सीधे संपर्क कर प्राथमिकता के आधार पर उनका डेटा 5 जून तक लॉक कराया जाएगा.
इस सख्त आदेश की प्रतिलिपि सभी क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशकों (आरडीडीई) को भी भेज दी गई है ताकि ब्लॉक स्तर पर उड़नदस्ते के जरिए इसकी कड़ी निगरानी की जा सके. बताते चलें कि समस्तीपुर जिले में कुल 26,627 शिक्षक पोर्टल पर कार्यरत हैं, जिनमें से करीब 30 फीसदी (लगभग 8,000) शिक्षकों का प्रोफाइल अब भी अपडेट नहीं है, जिससे जिला शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है.



