बंगाल ज्वेलरी लूटकांड मामले का सेंटर बना समस्तीपुर, सेंट्रल जेल गया में बंद रमिया के इशारे पर हुई थी 5 किलो सोना की लूट, डकैती का हुआ था लाइव टेलीकास्ट

समस्तीपुर : पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद स्थित सेनको ज्वेलरी शोरूम में बीते 14 मई को हुए 5 किलो सोने के आभूषण लूटकांड मामले की जांच में समस्तीपुर जिला अब केंद्र बनकर उभर रहा है। बीते एक सप्ताह से पश्चिम बंगाल एसटीएफ लगातार जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर रही है। अब तक दो बदमाशों की गिरफ्तारी, भारी मात्रा में सोना और नगद बरामदगी के बाद इस हाई-प्रोफाइल लूटकांड में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। एसटीएफ ने जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के शीतलपट्टी निवासी दिनेश शर्मा के पुत्र सुधीर शर्मा तथा वारिसनगर थाना क्षेत्र के किशनपुर बैकुण्ठ निवासी बिजेंद्र कुमार सिंह के पुत्र अमन कुमार को गिरफ्तार किया है।

दोनों के पास से करीब 1 किलो 144 ग्राम सोना, लगभग 5 लाख रुपये नगद व चांदी जैसा भी कुछ आभूषण बरामद किए गए थे। गुरुवार को दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेने के लिए बंगाल पुलिस कोर्ट लेकर पहुंची, जहां से दोनों को पश्चिम बंगाल ले जाया जाएगा। इधर गिरफ्तार दोनों आरोपियों की निशानदेही पर बंगाल एसटीएफ ने जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगातार छापेमारी की। सूत्रों की मानें तो जिले के कई और युवकों की इस अंतरराज्यीय गिरोह में संलिप्तता सामने आ सकती है। पुलिस को आशंका है कि लूटे गए आभूषणों का बड़ा हिस्सा अभी भी जिले में छिपाकर रखा गया है। इसी वजह से एसटीएफ की एक टीम अभी भी जिले में कैंप कर लगातार कार्रवाई कर रही है।

जेल में बंद कुख्यात रमिया बना मास्टरमाइंड :
जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि इस पूरे लूटकांड का कथित मास्टरमाइंड समस्तीपुर जिले के मथुरापुर थाना क्षेत्र के शेखोपुर निवासी रवि रंजन उर्फ रम्मी उर्फ रमिया को बताया जा रहा है। फिलहाल रमिया सेंट्रल जेल गयाजी में बंद है। बताया जाता है कि पहले वह बेगूसराय जेल में बंद था, लेकिन जेल से ही वह बाहर रह रहे अपने गुर्गों से मोबाईल पर बातचीत करता था। इसका सुराग मिलने के बाद कुछ समय पहले ही उसे सेंट्रल जेल गयाजी में शिफ्ट कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार हाजीपुर जेल में बंद रोहित सिंह ने भी जेल से ही पूरे नेटवर्क को संचालित करने में अहम भूमिका निभाई थी। बताया जा रहा है कि उसी ने समस्तीपुर जिले के करीब आधा दर्जन युवकों का गिरोह तैयार कर मुर्शिदाबाद भेजा था। इधर एसटीएफ की एक टीम सेंट्रल जेल गयाजी पहुंचकर रमिया से पूछताछ की है। एसटीएफ को उम्मीद है कि समस्तीपुर जिले से अभी और सोना तथा अन्य सामान बरामद हो सकता है।

लाइव वीडियो कॉल पर देखी जा रही थी लूट :
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि बदमाशों ने लूट की वारदात की वीडियो रिकॉर्डिंग भी करवाई थी। इतना ही नहीं, समस्तीपुर में बैठे गिरोह के अन्य सदस्य वीडियो कॉल के जरिए पूरी लूट की घटना लाइव देख रहे थे। बताया जा रहा है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि गिरोह के सभी सदस्यों को यह पता चल सके कि आखिर कितनी मात्रा में सोना लूटा गया है। इन सभी प्रकरण पर जेल से रमिया नजर रख रहा था। जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि लूटकांड में इस्तेमाल हथियार और वाहनों के फर्जी नंबर प्लेट भी समस्तीपुर से ही उपलब्ध कराए गए थे।

अपराधियों ने घटना को अंजाम देने के बाद गाड़ियों के नंबर प्लेट बदल दिए थे ताकि पुलिस को भ्रमित किया जा सके। सूत्रों के अनुसार वारदात को अंजाम देने के बाद सभी बदमाश अलग-अलग दिशा में निकल गए थे। वे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करते हुए नेपाल बॉर्डर की ओर बढ़ रहे थे और सुपौल के रास्ते निकलने की योजना थी। हालांकि, सुधीर और अमन समस्तीपुर के मुफस्सिल क्षेत्र में ही रुक गया था। इसी दौरान गुप्त सूचना के आधार पर बंगाल एसटीएफ ने दोनों को दबोच लिया। इधर यह चर्चा भी तेज है कि बंगाल पुलिस ने दो अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा रही है। संदिग्धों के परिजन लगातार थानों का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन पुलिस फिलहाल कुछ भी बताने से परहेज कर रही है।

बयान :
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में ज्वेलरी शोरूम से हुए लूट कांड मामले में बंगाल पुलिस कार्रवाई कर रही है। समस्तीपुर पुलिस सिर्फ स्थानीय स्तर पर सहयोग कर रही है। जो भी जानकारी होगी वह बंगाल पुलिस और एसटीएफ जारी करेगी।
संजय कुमार पांडेय, सदर एसडीपीओ-1 सह एएसपी समस्तीपुर
समस्तीपुर से बदमाश को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस :



