समस्तीपुर में जंगली सुअर का आतंक, बनइयां सुअर के जानलेवा हमले से बुजुर्ग किसान की मौ’त

समस्तीपुर/दलसिंहसराय : दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के बसढ़िया गांव में गुरुवार की सुबह जंगली सुअर (बनइयां सुअर) के जानलेवा हमले में एक 60 वर्षीय बुजुर्ग किसान की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त है। मृतक की पहचान बसढ़िया पंचायत के वार्ड 10 निवासी खूबलाल सिंह के पुत्र महादेव सिंह (60 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया जाता है कि वह रोज की तरह सुबह अपने बैंगन के खेत में कृषि कार्य कर रहे थे, तभी अचानक एक हिंसक जंगली सुअर ने उन पर धावा बोल दिया।
महीनों से था सुअरों का आतंक
आस-पास के खेतों में काम कर रहे अन्य किसानों और मजदूरों ने बताया कि जंगली सुअर ने महादेव सिंह को बुरी तरह क्षत-विक्षत कर दिया था। लहूलुहान स्थिति में उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जख्म गहरे होने के कारण कुछ ही देर में उन्होंने दम तोड़ दिया। मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से गांव के आस-पास जंगली सुअरों का आतंक बना हुआ है। ये सुअर न सिर्फ रात में फसलों को बर्बाद कर रहे हैं, बल्कि अब इंसानों के लिए भी काल बन चुके हैं।

किसानों ने बंद किया रात का काम
इस भीषण हमले के बाद बसढ़िया गांव में दहशत अपने चरम पर पहुंच गई है। हिंसक सुअरों के डर से कई किसानों ने रात के समय खेतों में पानी चलाना और रखवाली करना बंद कर दिया है। बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षा के लिहाज से घरों के भीतर ही रहने की हिदायत दी गई है। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष मो. इरशाद आलम ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उन्होंने कहा कि मामला बेहद गंभीर है, इसके स्थायी समाधान के लिए वन विभाग और जिला प्रशासन से संपर्क साधा जा रहा है।

गश्ती बढ़ाने की उठी मांग
इधर, घटना पर गहरा दुख जताते हुए प्रखंड प्रमुख संजीव कुमार सिंह और मुखिया हेमंत सहनी ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे और जंगली सुअरों के नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। जनप्रतिनिधियों ने मांग की कि सुअरों को भगाने या नियंत्रित करने के लिए गोलीबंदी, पटाखों के उपयोग और अन्य वैकल्पिक रोधी उपायों पर त्वरित कार्रवाई की जाए।ग्रामीणों ने भी वन विभाग से तत्काल प्रभाव से प्रभावित इलाकों में गश्त बढ़ाने की गुहार लगाई है ताकि भविष्य में ऐसी किसी अनहोनी को रोका जा सके।




