समस्तीपुर में आम-लीची की फसल पर भी संकट, टिकोले झड़ने से बढ़ी किसानों की चिंता

समस्तीपुर : पिछले एक सप्ताह से जिले में गर्मी लगातार तेज हो गई है। अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने से दोपहर के समय लू जैसी स्थिति बन रही है। तेज धूप और पछुआ हवा के कारण बागों में नमी तेजी से खत्म हो रही है, जिससे आम और लीची की फसल पर प्रतिकूल असर साफ दिखने लगा है। आम के बागों में टिकोले (कच्चे फल) झड़ने की समस्या सबसे ज्यादा देखी जा रही है। कई जगहों पर पेड़ों पर लगे टिकोले सूखकर गिर रहे हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि सुबह और शाम के समय भी गर्म हवा चलने से पौधों को पर्याप्त राहत नहीं मिल पा रही है।
लीची उत्पादकों के लिए भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। फल का आकार सामान्य रूप से विकसित नहीं हो पा रहा है और कई जगहों पर दाने सूखने लगे हैं। इससे न केवल उत्पादन बल्कि बाजार में गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। लीची उत्पादक किसान टेक नारायण महतो ने बताया कि इस बार मौसम शुरू में अनुकूल था, जिससे अच्छी पैदावार की उम्मीद थी। लेकिन अचानक बढ़ी गर्मी ने फसल पर असर डाल दिया है।

लीची का दाना ठीक से नहीं बन पा रहा है और कई फल सूख रहे हैं। वहीं त्रिभुवन ठाकुर ने कहा कि तेज पछुआ हवा के कारण बागों की नमी खत्म हो रही है। आम के टिकोले तेजी से झड़ रहे हैं, जिससे उत्पादन घटने की आशंका है। किसान अविनाश कुमार ने बताया कि सुबह-शाम सिंचाई करने के बावजूद गर्म हवा का असर कम नहीं हो रहा है। अगर यही स्थिति बनी रही तो नुकसान और बढ़ सकता है। किसानों का कहना है कि इस बार आम और लीची दोनों फसलों से अच्छी आमदनी की उम्मीद थी, लेकिन मौजूदा मौसम ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। बागों में लगातार नमी बनाए रखना भी चुनौती बनता जा रहा है।





