जिंदा पति, कागजों में मृत, समस्तीपुर में 10 साल तक चलता रहा पेंशन का खेल

समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आप हैरान भी होंगे और मुस्कुराए बिना रह भी नहीं पाएंगे। जहां लोग अपने रिश्तों को बचाने के लिए जद्दोजहद करते हैं, वहीं एक महिला ने पेंशन पाने के लिए अपने ही पति को कागजों में स्वर्गवासी बना दिया और ये खेल एक-दो दिन नहीं, पूरे 10 साल तक चलता रहा, अब सवाल ये है कि पति को इसकी खबर थी या वो भी इस ‘जिंदा-लाश’ वाले ड्रामे का हिस्सा था?
हसनपुर प्रखंड क्षेत्र के रामपुर गांव में पूनम देवी नामक महिला द्वारा जीवित पति को मृत बताकर विधवा पेंशन का लाभ उठाने का मामला सामने आया है। मामला सामने आते ही स्थानीय प्रशासन ने सर्वप्रथम पेंशन पर रोक लगाते हुए जांच का आदेश दिया है।
बता दें कि रामपुर गांव के फर्जीवाड़े में लिप्त पूनम देवी के पड़ोसी राहुल कुमार गुप्ता ने सोमवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज कुमार को आवेदन सौंपकर विधवा पेंशन योजना में फर्जीवाड़े की लिखित शिकायत की। इसमें बताया कि रामपुर ग्राम निवासी पूनम देवी का पति मिंटू दास जीवित है लेकिन फर्जी रूप से अपने पति का मृत्यु प्रमाण-पत्र बनवाकर करीब दस वर्षों से लक्ष्मी बाई विधवा पेंशन का लाभ ले रही है।

जबकि पूनम ने थाने और रोसड़ा न्यायलय में दिए एक आवेदन में बताया है कि उनका पति अन्य प्रदेश के एक फैक्ट्री में कामगार हैं। बीडीओ मनोज कुमार कुमार ने बताया कि मामला सामने आते ही कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामले की जांच हेतु पंचायत सचिव को जिम्मेदारी देते हुए उक्त महिला की पेंशन की राशि भुगतान पर रोक लगा दी गई है। गलत तरीके से जिन बिचौलियों ने यह फर्जीवाड़ा करवाया, उनकी भी जांच की जाएगी और मामला सत्य पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।






