समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पर RPF की सतर्कता से मानव तस्करी की कोशिश नाकाम, 5 नाबालिगों का रेस्क्यू, एक गिरफ्तार

समस्तीपुर : स्थानीय रेलवे जंक्शन पर आरपीएफ की सतर्कता से मानव तस्करी की एक बड़ी कोशिश नाकाम हो गई। आरपीएफ की टीम ने पांच नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू करते हुए एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अपराध आसूचना शाखा समस्तीपुर के प्रधान आरक्षी पुरुषोत्तम कुमार, प्रधान आरक्षी देव शंकर सिंह, आरक्षी दीपक कुमार रजक तथा एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के सहायक परियोजना अधिकारी शिव पूजन कुमार संयुक्त रूप से स्टेशन परिसर में मानव तस्करी एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों की निगरानी कर रहे थे।
इसी दौरान टीम जब स्टेशन के उत्तरी छोर स्थित अनारक्षित टिकट काउंटर के पास सर्कुलेटिंग एरिया में पहुंची तो कुछ बच्चे डरे-सहमे हालत में बैठे नजर आए। संदेह होने पर टीम ने बच्चों से पूछताछ की। पूछताछ में बच्चों ने पास में खड़े एक व्यक्ति की ओर इशारा करते हुए बताया कि वही उन्हें हावड़ा ले जाकर एक पेंट कंपनी में काम दिलाने के लिए ले जा रहा है।

बच्चों ने अपना पता वारिसनगर थाना क्षेत्र का बताया। इसके बाद टीम ने लाल रंग की शर्ट पहने संदिग्ध व्यक्ति को रोककर पूछताछ की। उसने अपनी पहचान शत्रुघ्न सदा, निवासी अजना वार्ड संख्या-9, थाना कल्याणपुर, जिला समस्तीपुर के रूप में बताई। पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि वह बच्चों को हावड़ा स्थित एक पेंट फैक्ट्री में काम कराने के लिए ले जा रहा था, जहां उन्हें 15 हजार रुपये प्रतिमाह मजदूरी दिलाने का झांसा दिया गया था। सत्यापन के बाद निरीक्षक प्रभारी अविनाश करोसिया के निर्देश पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं संबंधित कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए मौके पर विडियोग्राफी कर उपस्थित गवाहों के समक्ष आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। आरपीएफ ने सभी नाबालिग बच्चों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर अग्रिम कार्रवाई के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन एवं संबंधित विभागों को सौंप दिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।






