घंटों जाम से कराहता रहा समस्तीपुर का ताजपुर रोड, परीक्षा खत्म होने के बाद शहर के अन्य सड़कों पर भी रेंगती रही वाहनें

समस्तीपुर : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति और सीबीएसई बोर्ड की मैट्रिक परीक्षाओं के पहले दिन मंगलवार को शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। परीक्षा केंद्रों से छात्रों के निकलने के समय ताजपुर रोड, स्टेशन रोड, मथुरापुर घाट सहित कई प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया। सबसे अधिक स्थिति ताजपुर रोड और स्टेशन रोड पर विकट रही, जहां शाम के समय करीब दो घंटे तक वाहन रेंगते रहे और आम लोगों के साथ परीक्षा देकर लौट रहे छात्र-छात्राएं भी जाम में फंसे रहे।
ताजपुर रोड में आरआरओबी के पास स्थित रेलवे गुमटी के बार-बार बंद होने से स्थिति और गंभीर हो गई। गुमटी बंद होते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जैसे ही गुमटी खुलती, अव्यवस्थित तरीके से वाहनों के आगे बढ़ने से जाम और गहरा जाता।

स्थानीय लोगों का कहना है कि परीक्षा के दिनों में यहां विशेष ट्रैफिक प्लान की जरूरत थी, लेकिन पूर्व तैयारी के अभाव में हालात बिगड़ गए। वहीं स्टेशन रोड पर भी दोपहर बाद से ही जाम लगना शुरू हो गया था। ऑटो, ई-रिक्शा, निजी वाहन और स्कूल बसों की भीड़ से सड़क पूरी तरह जाम हो गई।

मथुरापुर घाट मार्ग पर भी वाहनों की लंबी कतार देखी गई। कई अभिभावकों को अपने बच्चों को पैदल ही जाम से निकालना पड़ा। परीक्षा समाप्ति के बाद परीक्षा देकर लौट रहे कई छात्र-छात्राओं ने बताया कि उन्हें घर पहुंचने में सामान्य दिनों की तुलना में दोगुना समय लगा। कुछ छात्र लगभग दो घंटे तक जाम में फंसे रहे। धूप और भीड़ के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अभिभावकों ने प्रशासन से परीक्षा अवधि में विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू करने की मांग की है।

पहले से नहीं हुई थी पर्याप्त तैयारी :
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बोर्ड परीक्षाओं के दौरान हर वर्ष भीड़ बढ़ती है, ऐसे में पहले से नो-एंट्री, बैरिकेडिंग और वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जानी चाहिए थी। यदि प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई जाती और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती होती, तो स्थिति को काफी हद तक संभाला जा सकता था।

शहरवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बोर्ड परीक्षाओं की अवधि तक विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया जाए। प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती, रेलवे गुमटी के पास समन्वय व्यवस्था, अस्थायी नो-एंट्री और स्कूल समय के अनुसार यातायात नियंत्रण जैसे कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि छात्रों और आम नागरिकों को राहत मिल सके। फिलहाल परीक्षा के अगले चरणों में भी भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

इधर जाम की सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंची और वाहनों को निकालने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस बल की कमी के कारण यातायात को नियंत्रित करने में काफी परेशानी हुई। कई स्थानों पर एक या दो जवान ही तैनात दिखे, जिससे व्यवस्था संभालना मुश्किल हो गया। इस संबंध में ट्रैफिक थानाध्यक्ष सुनील कांत ने बताया कि रेलवे गुमटी बंद होने के कारण जाम की स्थिति उत्पन्न हुई थी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने प्रयास कर समय रहते जाम को समाप्त करा दिया। साथ ही स्वीकार किया कि ट्रैफिक थाने में बल की भारी कमी है, जिससे बड़े पैमाने पर ट्रैफिक नियंत्रण में दिक्कत आती है।

