जीविका दीदियों को बस ड्राइवर और कंडक्टर बनाएगी नीतीश सरकार, 15 दिसंबर तक आवेदन

बिहार की नीतीश सरकार ने जीविका दीदियों को बस ड्राइवर और कंडक्टर बनाने का फैसला लिया है। इसके लिए जीविका दीदियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। फिर उन्हें महिलाओं के लिए विभिन्न शहरों में चलाई जा रहीं पिंक बसों में तैनाती दी जाएगी। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो 15 दिसंबर तक चलेगी। सरकार ने इसके लिए न्यूनतम योग्यता भी रखी है। बिहार के परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने बुधवार को यह जानकारी दी।
मंत्री ने विभागीय समीक्षा बैठक में कहा कि अब जीविका दीदियों को प्रशिक्षित कर पिंक बसों में ड्राइवर और बस कंडक्टर बनाया जाएगा। इससे से ना सिर्फ महिला सशक्तिकरण का एक नया अध्याय शुरू होगा बल्कि जीविका दीदियों के लिए रोजगार के नए दरवाजे भी खुलेंगे। उन्होंने कहा कि इच्छुक जीविका दीदियों को पहले पटना या औरंगाबाद में स्थित हैवी मोटर व्हीकल का प्रशिक्षण इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आईडीटीआर) में दिया जाएगा।

इसके बाद ट्रेनिंग में सफल होने वालीं जीविका दीदियां बिहार राज्य पथ परिवहन निगम द्वारा संचालित पिंक बसों में ड्राइविंग सीट संभालेंगी। मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि ट्रेनिंग लेने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक जीविका दीदियां या अन्य महिलाएं 15 दिसंबर तक आवेदन दे सकती हैं।

इन पिंक बसों में वाहन चालक बनने के लिए न्यूनतम योग्यता आठवीं पास है। नियोजन के दौरान 9वीं या 10वीं पास अभियार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रशिक्षण के बाद एचएमवी लाइसेंसधारकों को वैकेंसी के अनुसार संविदा पर अपॉइंटमेंट दिया जाएगा।

महिलाओं के लिए चलाई जा रहीं पिंक बस
बिहार की राजधानी पटना समेत अन्य शहरों में महिलाओं के लिए विशेष पिंक बस का संचालन किया जा रहा है। इसमें महिला यात्रियों के सफर करने की ही अनुमति है। नीतीश सरकार ने इसी साल इन बसों की शुरुआत की थी। नियमानुसार इसमें ड्राइवर और कंडक्टर भी महिलाओं को ही होना है। हालांकि, शुरुआत में सरकार को महिला ड्राइवर-कंडक्टर नहीं मिले थे। अब सरकार द्वारा पहल करके महिलाओं को बस चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है।




