उत्तर प्रदेश का गुंडा निकला तेजस्वी का दोस्त! NSA-गैंगस्टर और ह’त्या का आरोपी, कौन है रमीज नेमत जो 6 महीने पहले ही जेल से आया था बाहर ?

बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल यानी कि राजद की करारी हार होने के बाद अब लालू यादव के परिवार में फूट पड़ने लगी है. चुनाव से पहले तेज प्रताप को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया तो वहीं अब चुनावी नतीजे सामने आने के बाद रोहिणी आचार्य ने पार्टी और परिवार दोनों से नाता तोड़ लिया है. रोहिणी आचार्य ने ट्वीट कर कई इशारे किए हैं. इसमें जो सबसे बड़ा इशारा था संजय यादव और रमीज नेमत का नाम लेना. संजय यादव को लेकर तेज प्रताप भी मोर्चा पहले ही खोल चुके हैं. वहीं रमीज नेमत को लेकर अब चर्चा शुरू हो गई है कि आखिर ये रमीज नेमत कौन है.?

पूर्व सांसद रिजवान जहीर का दामाद है रमीज नेमत
दरअसल, रमीज नेमत पूर्व सपा सांसद रिजवान जहीर के दामाद हैं. जिसके खिलाफ यूपी में योगी सरकार ने लगातार कार्रवाई की है. साल 2023 में कौशांबी जिले में प्रतापगढ़ के एक ठेकेदार की हत्या का आरोप भी रमीज नेमत पर है. प्रतापगढ़ जिले के जेठवारा गांव के रहने वाले 35 वर्षीय मोहम्मद शकील अहमद प्रॉपर्टी के कारोबार के अलावा ठेकेदारी भी करता था. साल 2023 में ही योगी सरकार ने सपा सांसद रिजवान जहीर द्वारा अपने दामाद के नाम खरीदी गई चार करोड़ 75 लाख 86 हजार रुपये की जमीन प्रशासन ने कुर्क कर दी थी.

पूर्व चेरमैन की हत्या का भी आरोपी है रमीज नेमत
बीते 4 जनवरी 2022 को पूर्व चेयरमैन फिरोज पप्पू की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने हत्या की साजिच रचने के आरोप में पूर्व सपा सांसद, उनके दामाद रमीज व बेटी जेबा रिजवान को आरोपी के तौर पर गिरफ्तार कर जेल भेजा था. रमीज नेमत पुत्र नियामतउल्लाह खां तुलसीपुर तहसील के भंगहाकला गांव का मूल निवासी है. इसकी शादी बलरामपुर के पूर्व सांसद रिजवान जहीर की बेटी जेबा रिजवान के साथ हुई थी. रमीज नेमत तुलसीपुर के शीतलपुर स्थित पूर्व सांसद रिजवान जहीर के आवास पर ही रहा करता था.

इसी साल अप्रैल में जेल से आया था बाहर
रमीज नेमत का आपराधिक इतिहास 2021 में शुरू हुआ, जब पंचायत चुनाव के दौरान दो गुटों में हुए भीषण संघर्ष में रमीज नेमत के खिलाफ हिंसा आगजनी और बलवा की रिपोर्ट दर्ज की गई. इसके बाद 2022 में तुलसीपुर के पूर्व अध्यक्ष फिरोज पप्पू की हत्या मामले में रमीज नेमत मुख्य आरोपी बना. इसके ऊपर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत भी कार्यवाही की गई और गैंगस्टर भी लगाया गया. रमीज नेमत के खिलाफ कौशांबी जिले के कोखराज थाने में भी हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था. रमीज नेमत के खिलाफ बलरामपुर जिले में नौ तथा कौशांबी जिले में दो मुकदमे दर्ज हैं. रमीज नेमत बलरामपुर जेल में बंद था अप्रैल 2025 में जमानत पर जेल से छूट कर बाहर आया था.






