शहर के होली मिशन हाई स्कूल में हिन्दी साहित्य समागम का किया गया आयोजन
समस्तीपुर : शहर के मोहनपुर स्थित होली मिशन हाई स्कूल में हिन्दी साहित्य समागम का आयोजन किया गया। उद्घाटन निदेशक डा धर्मांश रंजन, प्राचार्य अमृत रंजन, उप प्राचार्या अपराजिता पाण्डेय, पूर्व प्राचार्य डा एसके अहमद ने किया। इसमें होली मिशन हाई स्कूल के काशीपुर, सतमलपुर व दलसिंहसराय के बच्चे अपने अध्यापक के साथ कवि और लेखक के रूप में मंच पर उपस्थिति थे। उन्होंने अपनी कक्षा के हिंदी पाठ्य पुस्तकों के रचनाकारों के रूप में प्रस्तुति देकर आनंदित किया।
संयोजन विद्यालय की अध्यापिका काजल ने किया। जिन्होंने साहित्यिक संवाद और परिसंवाद के माध्यम से बच्चों की रचना और रचनाकारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आनंदमयी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए यह नवाचार किया गया है। इससे बच्चों में हिन्दी की विशालता व गौरवमयी महिमा को सहजता से समझ सकने की क्षमता का विकासित होगी।

इस कार्यक्रम में बच्चों ने गद्य-पद्य एवं संवाद-परिसंवाद में मीराबाई एवं सूरदास द्वारा रचित उनके पदों की प्रस्तुति से व्रजभाषा, तुलसी दास द्वारा रचित राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद का उसी साज-सज्जा से सुज्जित संवाद-परिसंवाद का काव्य रूप में प्रस्तुति से दी। न्यायाधीश की भूमिका अनिल कुमार वर्मा व अनु मिश्रा ने निभायी।
समस्तीपुर शहर के मोहनपुर स्थित होली मिशन हाई स्कूल में हिन्दी साहित्य समागम का आयोजन किया गया। उद्घाटन निदेशक डा धर्मांश रंजन, प्राचार्य अमृत रंजन, उप प्राचार्या अपराजिता पाण्डेय, पूर्व प्राचार्य डा एसके अहमद ने किया।#Samastipur #HolyMissionSchool pic.twitter.com/PJNXBHEqhW
— Samastipur Town (@samastipurtown) September 16, 2025
कार्यक्रम में आकृति, सुहानी लक्ष्मी, गौरी, प्राची, अंशिका राज, नैनसी, तान्या, नन्दिनी अभिनव, रुचि, मानवी, आयुष, केशव, केशव, धर्मेन्द्र, हिमांशु कविता राज, प्रिंस, श्रद्धा, प्रगति वत्स, आसीष, अभिनव आदि की प्रस्तुति सराहनीय रही. संबोधित करते हुए संस्था के निदेशक डा धर्मांश रंजन ने हिंदी भाषा की व्यापकता का उल्लेख करते हुए कहा कि हिंदी ऐसी भाषा है जिससे नारी सशक्तिकरण को बल मिल सकता है। प्राचार्य अमृत रंजन ने हिंदी भाषा की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि एकता की जान और भारत की शान है हिंदी। धन्यवाद ज्ञापन पूर्व प्राचार्य डा एसके अहमद ने किया। संचालन आयुष, सान्या, पूजा झा आदि ने किया।

