पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड में 3 दोषी, 3 बरी; CBI कोर्ट 10 सितंबर को सुनाएगी सजा

सीवान के पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड में 3 आरोपियों को मुजफ्फरपुर की विशेष CBI कोर्ट ने बरी कर दिया है। कोर्ट ने विजय कुमार गुप्ता, रोहित कुमार सोनी और सोनू कुमार गुप्ता को दोषी करार दिया है। लदन मियां, रिशु कुमार जायसवाल और राजेश कुमार को सबूत के अभाव में बरी कर दिया गया। 10 सितंबर को दोषियों की सजा पर सुनवाई होगी।
फैसले के बाद राजदेव की पत्नी आशा रंजन ने कहा, ‘लंबे अरसे बाद आज वह दिन आया है, जब कोर्ट ने अपना निर्णय सुनाया। मेरी यही इच्छा है कि पति के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।’

‘पति की हत्या के बाद मेरे सामने बच्चों की परवरिश और पढ़ाई की बड़ी चिंता खड़ी हो गई थी। मेरी जिंदगी बेहद मुश्किल भरी हो गई थी। कई लोगों ने राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की, लेकिन हमें वैसी मदद नहीं मिली जैसी मिलनी चाहिए थी।’

हत्या ने पूरे राज्य को दहला दिया था
13 मई 2016 की शाम पत्रकार राजदेव रंजन अपने दफ्तर से एक रिश्तेदार को अस्पताल में देखने गए थे। वहां से लौटते समय अपराधियों ने उनपर अंधाधुंध फायरिंग की थी। एक गोली आंखों के बीच लगी और दूसरी गर्दन पर। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। हत्या के बाद सीवान के तत्कालीन भाजपा सांसद ओमप्रकाश यादव राजदेव के घर पहुंचे। उन्होंने कहा था कि रंजन के परिवार को पहले से धमकियां मिल रही थीं।

शुरुआत से ही राजनीतिक हलचल
पुलिस ने शुरुआती जांच में 7.65 एमएम पिस्तौल और तीन मोटरसाइकिल बरामद की थी। शहाबुद्दीन के करीबी लदन मियां पर शक जताया गया था, लेकिन बाद में पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। मामला हाई-प्रोफाइल होने पर जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी।

सीबीआई ने अपनी जांच में खुलासा किया कि हत्या किसी निजी रंजिश या आकस्मिक घटना नहीं बल्कि पूरी तरह से सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी। इसमें छह आरोपियों की संलिप्तता पाई गई थी। सीबीआई ने आरोप पत्र दाखिल किया और सुप्रीम कोर्ट में भी रिपोर्ट सौंपी। सुप्रीम कोर्ट ने सभी छह आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया था।

9 साल कोर्ट में चली सुनवाई
करीब 9 साल तक गवाहों की गवाही और सुनवाई चली। दो महीने पहले कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था। 21 अगस्त को फैसला आना था, लेकिन एक अभियुक्त की गैरहाजिरी के कारण तारीख टल गई। इसके साथ बाद कोर्ट ने तीन को दोषी और तीन को बरी कर दिया।

अभियोजन और बचाव पक्ष की दलील
सीबीआई के वरीय विशेष लोक अभियोजक राकेश दुबे ने कहा, कोर्ट ने तीन लोगों को दोषी पाया है और तीन को बरी किया है। 10 सितंबर को सजा पर सुनवाई होगी। हम ऊपरी अदालत में भी अपील करेंगे ताकि बाकी दोषियों को भी सजा मिल सके।”
बचाव पक्ष के अधिवक्ता शरद सिन्हा ने कहा, तीन लोगों को साक्ष्य के अभाव में बरी किया गया है और तीन को दोषी पाया गया है। यह साबित करता है कि अदालत ने निष्पक्ष न्याय किया है।

