समस्तीपुर के इस स्कूल में ‘सुरक्षित शनिवार’ कार्यक्रम के दौरान बच्चों को दी गई पानी में डूबने से बचाव की जानकारी

समस्तीपुर : मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम ‘सुरक्षित शनिवार’ कार्यक्रम अंतर्गत शनिवार को उच्च विद्यालय कर्पूरीग्राम में मॉक ड्रिल के दौरान बच्चों को चेतना सत्र के बाद पानी में डूबने से बचाव एवं नाव दुर्घटना के संदर्भ में क्या करें और क्या ना करें के बारे में जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम में बच्चों को डूबने से बचाने के लिए विभिन्न उपाय और सावधानियां सिखाई गईं जैसे कि पानी के पास न जाना, तैरना सीखना और डूबते हुए व्यक्ति को बचाने के तरीके। इसके अलावा नाव यात्रा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और डूबने पर बचाव के तरीकों के बारे में भी बताये गये।
इस दौरान सुरक्षित शनिवार की नयी वार्षिक सारणी के अनुसार कार्यक्रम का अवलोकन किया गया। इसके तहत बच्चों को अगस्त माह के तीसरे शनिवार का विषय- नाव दुर्घटना एवं पानी में डूबने से बचाव के सन्दर्भ में जानकारी को लेकर काल्पनिक नव तैयार कर बच्चों के साथ मॉक ड्रिल भी कराई गई। कार्यक्रम के तहत फोकल शिक्षक सुभीत कुमार सिंह व संभाग प्रभारी हरिश्चंद्र राम ने बच्चों को बताया कि तैराकी जाने बिना पानी मे उतरना बहुत ही खतरनाक होता है। उफनाती नदियों और आंधी तूफान की स्थिति में बाढ के समय पानी में डूबने का खतरा बना रहता है।

शिक्षकों ने बताया की पानी में डूबे व्यक्ति की जान बचाने के लिए सर्वप्रथम प्राथमिक उपचार देना आवश्यक है। प्राथमिक उपचार के तहत पीड़ित व्यक्ति को उल्टा लटका कर या पेट के बाल लिटा कर पेट में जमा अतिरिक्त पानी को बाहर निकाला जाता है। नाक और मुंह पर उंगलियों के स्पर्श से जांच लें कि डूबे हुए व्यक्ति की सांस चल रही है कि नहीं। नब्ज और सांस का पता नहीं चलने पर माउथ टू माउथ दो बार भरपूर सांस दे एवं 30 बार छाती के बीच में दबाव देते हुए 3से4 बार सीपीआर दें। ऐसा करने पर धड़कन वापस आ सकती है और सांस चलना शुरू हो सकता है।

ध्यान रहे कि किसी भी परिस्थिति में सांस चलने की स्थिति में सीपीआर नहीं देना है। इसके बाद पीड़ित की स्थिति को देखते हुए चिकित्सक की मदद लेनी चाहिए। अवसर पर प्रभारी प्रधानाध्यापक किरण झा, फोकल शिक्षक संजीव नयन, बाल प्रेरक कुमारी सिमरन सिंह, जूली परवीन, प्रीति कुमारी, सीता कुमारी आदि ने सराहनीय भूमिका निभाई।






