समस्तीपुर में संभावित बाढ़ को लेकर गर्भवती की सूची हो रही तैयार, बोट एम्बुलेंस की भी सुविधा

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समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले के विभिन्न प्रखंडों में संभावित बाढ़ के दौरान गर्भवती महिलाओं और जल जनित रोग से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जरूरी तैयारी कर ली है। बाढ़ की संभावना को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जहां गर्भवती महिलाओं और जल जनित रोग की सूची तैयार कर दवा की सुविधा सुनिश्चित कर ली है, वहीं इस दौरान उत्पन्न होने वाली स्थितियों मसलन सर्प दंश, कुत्ते काटने की घटना, प्रसव पीड़िता की परेशानी आदि के लिए भी सुविधा तय कर ली है।
स्वास्थ्य विभाग ने नाव और नाविक उपलब्ध कराने की तैयारी करने का आग्रह डीएम से किया है। बाढ़ के कारण महामारी फैलने वाले इलाकों में भी पंचायत, सरकारी स्कूल या ऐसे ही किसी दूसरे सार्वजनिक स्थान पर अस्थायी अस्पताल कैंप खोलने की तैयारी रखने के निर्देश भी सिविल सर्जन ने दिये हैं। महामारी पर नियंत्रण होने तक ये अस्थायी अस्पताल कैंप काम करते रहेंगे। वहां तैनात कर्मचारियों को भी वहीं रहना होगा। बता दें कि बाढ़ के दौरान जिले के मोहनपुर, मोहिउद्दीननगर, पटोरी, विद्यापतिनगर और कल्याणपुर आदि प्रखंड के कई गांव इसकी चपेट में आ जाते हैं।

इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. एसके चौधरी ने बताया कि जिला स्तर से भी इसके लिए मेडिकल टीम गठित कर ली गई है। पूर्व के बाढ़ की स्थिति के अनुरूप उंचे स्थल और नीचे भाग वाले स्थल भी तय किए गए हैं, ताकि उत्पन्न स्थिति अनुरूप बाढ़ के दौरान मेडिकल कैंप लगाने के लिए निर्णय लिया जा सके। सिविल सर्जन ने बताया कि जिले में बाढ़ के दौरान कई तरह की स्थिति उत्पन्न होती है। ऐसे में विशेषकर प्रसूता के मामले में ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत होती है। इसलिए जुलाई से लेकर सितम्बर माह के बीच गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार हो रही है।

इस सूची में प्रखंड वार क्षेत्र के गर्भवती की जानकारी सुनिश्चित है ताकि समय के साथ उन्हें एम्बुलेंस से लेकर जरूरत की स्थिति में बोट एम्बुलेंस की सुविधा प्रदान की जा सके। मसलन बाढ़ से ज्यादा प्रभावित होने की स्थिति में यदि एम्बुलेंस सुविधा का उपयोग नहीं लिया जा सके तो वैसी स्थिति में उन स्थल तक बोट एम्बुलेंस की सुविधा भी होगी जिससे की गर्भवती को तुरंत बाढ़ ग्रस्त इलाकों से निकालकर सुविधा वाले स्थल तक पहुंचाया जा सके। ऐसे गर्भवती की सूची भी शीघ्र तैयार हो रही है।

जल जनित रोग के लिए एक दर्जन से अधिक प्रकार की दवा उपलब्ध :
बाढ़ के दौरान घिरे लोग जल जनित रोग में कई प्रकार की परेशानी से घिरे रहते हैं। ऐसे लोगों के लिए जहां समीप वाले भाग में चिकित्सा शिविर की सुविधा होगी, वहीं जल जनित रोग से सबंधित सभी प्रकार की दवा की उपलब्धता होगी। जल जनित रोग में सर्प दंश, सर्दी, खांसी, बुखार, डायरिया, उल्टी, पतला दस्त, चर्म रोग की परेशानी समेत एक दर्जन से अधिक परेशानी सामने आने लगती है। हाथ पैर व बदन में दर्द, गैस की स्थिति उत्पन्न होना, भूख कम लगना आदि कई शारीरिक दिक्कतें भी सामने आने लगती है। इन सभी समस्याओं के निदान के लिए जहां चिकित्सकीय टीम की तैनाती रहेगी वहीं दवा की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

बयान :
बाढ़ को देखते हुए गर्भवती महिलाओं व जल जनित रोग के लिए चिकित्सकीय टीम से लेकर दवा तक की पूरी व्यवस्था कर ली गई है। इसके लिये मेडिकल टीम का भी गठन कर लिया गया है। जुलाई से लेकर सितम्बर माह के बीच गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार हो रही है। इस सूची में संबंधित बाढ़ग्रस्त प्रखंड वार क्षेत्र के गर्भवती की जानकारी सुनिश्चित है, ताकि समय के साथ उन्हें एम्बुलेंस से लेकर जरूरत की स्थिति में बोट एम्बुलेंस की सुविधा प्रदान की जा सके।
डाॅ. एसके चौधरी, सिविल सर्जन, समस्तीपुर



