बिहार: नवजात चोरी के मामले में 6 आरोपी गिरफ्तार, पिता ही निकला मास्टरमाइंड, 50 हजार में बेच दिया बच्चा

बिहार के वैशाली जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां नवजात बच्चे की चोरी के मामले में पुलिस ने नवजात के पिता सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना नगर थाना क्षेत्र के जोहरी बाजार स्थित न्यू बुद्ध पॉपुलर इमरजेंसी हॉस्पिटल में घटी, जहां नवजात को चोरी करके बेचने की साजिश रची गई थी।
नवजात के पिता ने बेचा अपना बच्चा
पुलिस के अनुसार, नवजात के पिता राजेश कुमार, जो कि महुआ थाना के कन्हौली मानपुरा निवासी हैं, ने अपने बच्चे को 50 हजार रुपए में बेच दिया था। राजेश के पहले से ही चार बच्चे थे, और उसने अपने नवजात को बेचने का निर्णय लिया।राजेश ने बच्चे को गोरौल थाना क्षेत्र के रमेश कुमार को बेचा, जो स्वयं एक बच्चा खरीदना चाहता था क्योंकि उसकी पहले से एक बेटी थी और उसे एक बेटा चाहिए था।

गिरफ्तार आरोपी
इस मामले में जिन छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें नवजात के पिता के साथ-साथ अन्य आरोपी भी शामिल हैं:
- राजेश कुमार – नवजात के पिता
- रमेश कुमार – बच्चा खरीदने वाला व्यक्ति
- अरुण कुमार – लालगंज थाना के मलंग चौक निवासी
- जयप्रकाश कुमार – पिरापुर निवासी
- जितेंद्र कुमार – सारण जिले के दरियापुर निवासी
- अविनाश कुमार – नगर थाना क्षेत्र निवासी


अस्पताल स्टाफ की मिलीभगत
नवजात के चोरी होने की यह साजिश अस्पताल के कर्मचारियों और अन्य लोगों द्वारा मिलकर रची गई थी। नवजात की मां गोलू कुमारी, जो महुआ थाना क्षेत्र की निवासी हैं, ने नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके बच्चे के पैदा होने के बाद, अस्पताल के एक डॉक्टर ने बच्चे की हालत नाजुक बताकर उसे केयर सेंटर ले जाने का बहाना बनाकर चोरी कर लिया।

नवजात की मां ने दर्ज कराई प्राथमिकी
गोलू कुमारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि डॉक्टर ने बिना उसकी अनुमति के नवजात को अस्पताल से ले जाकर कहीं और बेच दिया। डॉक्टर ने पहले कहा कि बच्चे की मौत हो गई है और बाद में जब बच्चे का शव मांगा गया, तो उन्होंने बताया कि उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। जब बच्चे की मां ने दबाव बनाना शुरू किया, तो उसे धमकी दी गई और अस्पताल से भगा दिया गया।

नवजात को पुलिस ने बरामद किया
महिला की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नवजात को बरामद कर लिया और सत्यता की पुष्टि के लिए डीएनए टेस्ट भी कराया गया। पुलिस ने इस साजिश में शामिल आशा कार्यकर्ता मीनू देवी, डॉक्टर, और अन्य लोगों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की है।

साजिश के मुख्य बिंदु
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि नवजात की चोरी और बिक्री की साजिश में कई लोग शामिल थे। नवजात की मां ने आरोप लगाया कि अस्पताल स्टाफ और आशा कार्यकर्ता मीनू देवी ने मिलकर उसके बच्चे को बेच दिया था।
