नौकरी नहीं लगवाई…रुपए भी वापस नहीं किए…, बिहार के भोजपुर में प्रोफेसर दंपती मर्डर का खुलासा
बिहार में भोजपुर के रिटायर्ड प्रोफेसर दंपती ने तपन डे उर्फ दीपक कुमार को 13 साल से घर का नौकर बना रखा था। उसे कॉलेज में नौकरी लगवाने का आश्वासन देते थे। बदले में उससे घरेलू काम कराते थे। दीपक कुमार ने नौकरी के लिए 4 लाख रुपए भी प्रोफेसर दंपती को दिए थे।
29 जनवरी 2022 को खाना बनाते वक्त दीपक कुमार ने रिटायर्ड प्रोफेसर पुष्पा सिंह से अपने रुपए वापस मांगे। मना करने पर गुस्से में आकर उसने उनके गर्दन पर दो बार चाकू से वार कर दिया। हंगामा सुनकर बाथरुम में नहा रहे पति महेंद्र प्रसाद निकले तो उनकी भी चाकू गोदकर हत्या कर दी। उनके बॉडी के 25 जगहों पर चाकू से मारने के निशान मिले थे।

इसके बाद तपन डे उर्फ दीपक कुमार असम राज्य के अपने पैतृक गांव धेमाजी जिले के जोनाई भाग गया था। भोजपुर पुलिस ने आज 10 दिनों बाद पूरे मामले का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने उसे जोनाई से अरेस्ट भी कर लिया है।
भोजपुर एसपी ने बताई हत्या की पूरी कहानी
पुलिस अधिक्षक प्रमोद कुमार ने बताया कि 29 जनवरी की रात दंपति की हत्या की सूचना मिली थी, जिसके बाद एएसपी हिमांशु के नेतृत्व में एक का गठन किया गया। तकनीकी सूत्र के आधार विशेष टीम को असम के धेमाजी जिले जोनाई थाना अंतर्गत जोनाई गांव के जंगल इलाके से गिरफ्तार किया गया।

इस दौरान हमारी टीम ने 500 से अधिक आरा से लेकर पटना और अन्य जगहों पर सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। साथ ही 6000 हजार से ज्यादा मोबाइल का विश्लेषण किया गया। जिसके बाद पटना में फोटो से पहचान के बाद पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है।
नौकरी दिलाने के नाम पर करते थे टालमटोल
आरोपी से पूछताछ करने दौरान उसने बताया कि करीब 13 वर्षों से वह प्रोफेसर महेंद्र सिंह के संपर्क में था। कॉलेज में नौकरी दिलाने के नाम करीब चार लाख रुपए दिए थे। दंपती के द्वारा काम कराने के एवज में सिर्फ नौकरी दिलाने का आश्वान दिया जाता था। 29 जनवरी को पैसे को लेकर बहस के क्रम में दंपती की हत्या कर दी।

दीपक ने पुलिस को बताया कि घर के किचेन में जब सब्जी काट रहा था, उसी दौरान हमने पुष्पा सिंह से अपने बकाया पैसे मांगे तो उन्होंने मुझे उल्टा-सीधा कहा। तभी मुझे गुस्सा आया और सब्जी काट रहे चाकू से उनके गर्दन पर मारकर हत्या कर दी।



