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[बिपुल भारद्वाज की लेख] :- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के बढ़ते प्रारूप ने समाज में कंप्यूटर के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराध को भी जन्म दे दिया है। प्रौद्योगिकी की प्रगति ने हमें अपनी सभी जरूरतों के लिए इंटरनेट पर निर्भर बना दिया है। इंटरनेट ने हमें एक ही स्थान पर बैठकर हर उस पायदान तक पहुंच प्रदान की है, चाहे वह सोशल नेटवर्किंग, ऑनलाइन शॉपिंग, ऑनलाइन जॉब, ऑनलाइन पढ़ाई या हर संभव काम जो मनुष्य सोच सकता है।
साइबर अपराध समाज में होने वाले किसी भी अन्य अपराध से अलग है इसका कारण यह है कि, इसकी ना तो कोई भौगोलिक सीमा होती है, ना तो इसके प्रारूप होते हैं और साइबर अपराधी अमूमन अज्ञात होते हैं। भारत में सूचना और प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ साइबर अपराध भी बढ़ रहे हैं, इसलिए इस लेख के माध्यम से लोगों में इस अपराध के बारे में जागरूकता एवं सतर्कता फैलाने की एक छोटी सी पहल है।
आज के डिजिटल क्रांति के इस युग में ग्रामीण क्षेत्रों में भी इंटरनेट की सुविधा पहुंच चुकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग इंटरनेट बैंकिंग का फायदा सीएसपी केंद्रों के माध्यम से ले रहे हैं, लेकिन कुछ अध्ययन से यह पता चला है कि साइबर अपराधों के नए केंद्र में ग्रामीण इलाके भी अब शामिल हो गए हैं क्योंकि यह उनके लिए आसान लक्ष्य होते हैं। इनके मुख्य कारण यह भी है कि ग्रामीण इलाकों में जागरूकता की कमी,जिससे यह लोग आसानी से इनके शिकार हो जाते हैं।
आज जब हमारी दैनिक निर्भरता इंटरनेट पर बढ़ चुकी है जिसका कारण है कि साइबर अपराधी इस स्थिति का फायदा उठाने के लिए पूरी तरह तैयार बैठे हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020 तक पूरे देश में साइबर क्राइम के 50035 केस दर्ज किए गए थे जिसमें सबसे अधिक ऑनलाइन ठगी से संबंधित मामले हैं।
1. जागरूक बने – अगर हम थोड़ा सा जागरूक रहें तो इन चीजों से आसानी से बचा जा सकता है सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करें।
2. मजबूत पासवर्ड – वर्तमान समय में हम विभिन्न अकाउंट का उपयोग करते हैं ऐसे में आवश्यक है कि आप एक मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें जिसे हम अपनी साइबर सुरक्षा को सुनिश्चित कर सकते हैं।
3. अपडेट रहना आवश्यक – अगर आप लैपटॉप एवं मोबाइल का उपयोग करते हैं तो यह जरूरी है कि आप समय-समय पर अपने डिवाइस को अपडेट करते रहें।
4. बच्चों के मामले में रखे सावधानी – वर्तमान परिस्थिति में बच्चे साइबर अपराधियों के निशाने पर रहते हैं,ऐसे में आवश्यक है कि बच्चों को इंटरनेट सर्फिंग करते वक्त सावधानी बरतनी चाहिए इसके साथ ही बच्चों के इंटरनेट सर्फिंग के लिए ‘सेफ सर्च मोड एवं पेरेंट्स लॉक’जैसे फीचर का उपयोग करना चाहिए।
5. सुरक्षित नेटवर्क का करें उपयोग – आजकल लोग पब्लिक प्लेस पर मिलने वाली मुफ्त वाईफाई का उपयोग करने के लिए उत्सुक रहते हैं लेकिन हमें यह भी याद रखना होगा कि ऐसे फ्री नेटवर्क हैकरों के निशाने पर होते हैं ऐसे में आपको इन फ्री नेटवर्क के उपयोग करने से बचना चाहिए।
6. सोशल मीडिया के उपयोग में बरते सावधानी – सोशल मीडिया अब साइबर अपराधियों का एक प्रमुख हथियार बन चुका है ऐसे में अपने सोशल मीडिया अकाउंट को “लॉक प्रोफाइल” मोड में रखें।
7. अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से बचें – अक्सर यह पाया गया है कि साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को ईमेल या मैसेज के द्वारा लिंक भेजा जाता हैIजिसे लोग आसानी से ठगी के शिकार हो जाते हैं ऐसे हमें किसी भी अज्ञात लिंक को क्लिक करने से जरूर बचें।
1. बैंकिंग : किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन करने या किसी तरह के प्रलोभन में आने से बचे, किसी तरह की व्यक्तिगत जानकारी साझा ना करें।
2. जॉब या नौकरी : नए अध्ययन से यह पता चला है कि अपराधी फर्जी वेबसाइट बनाकर नौकरी देने का प्रलोभन या लोगों को फर्जी ई-मेल भेज कर कि उन्हें विदेशों में नौकरी करने का ऑफर देना। इसके लिए जरूरी होता है कि हमें उस वेबसाइट की प्रमाणिकता को अवश्य चेक करें।
3. अन्य : अपराधि फर्जी यूपीआई आईडी बना कर दान एवं सहायता जैसे पीएम केयर व अन्य संस्थानों के नाम का फायदा उठाकर भी अपराध करते हैं।
अपने व्यक्तिगत दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, श्रम कार्ड आदि की जानकारी गोपनीय रखे और इसे किसी सरकार द्वारा संचालित या अधिकृत केंद्रों से ही बनवाए।
किसी भी मॉल व दुकान में डेबिट या क्रेडिट कार्ड को स्वाइप करने से पहले मशीन को अवश्य ध्यान पूर्वक देखें, कि वह किसी दूसरे डिवाइस से जुड़ा तो नहीं है।
कोरोना के टीके के नाम पर भी अपराधी आपको फोन करके आपके वैक्सीन बुक करने का प्रलोभन देंगे, जिसके लिए वह आपसे ओटीपी मांग सकते हैं तो हमें इस से भी बचना चाहिए।
किसी भी अनजान व्यक्ति से ऑनलाइन चैट या तस्वीर भेजने से बचें। पूर्व में भी ऐसी कई घटनाएं हुई है जहां वैसे तस्वीरों का अपराधी किसी दूसरी घटनाओं को अंजाम देने के लिए उनका उपयोग करते हैं।
साइबर खतरों से बचने के लिए जागरूकता एवं सतर्कता ही एकमात्र उपाय हैं।
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