मंगलवार, फ़रवरी 17, 2026
Latest:

समस्तीपुर Town

नजर हर खबर पर…

DalsinghsaraiNEWSSamastipur

हथियार के शौक ने बढ़ाई मांग, गांवों में भी अब हो रहा निर्माण; देखें यह स्पेशल रिपोर्ट…

IMG 20231027 WA0021
व्हाट्सएप पर हमसे जुड़े

समस्तीपुर/दलसिंहसराय [अंगद कुमार सिंह] :- इंटरनेट मीडिया पर रील्स बनाने का शौक हो या वर्चस्व दिखाने की होड़, हथियार हर जगह लहराये जा रहे। शादी-ब्याह में भी मंचों पर इनकी प्रदर्शनी हो रही। इससे अवैध हथियारों का चलन बढ़ने लगा है। स्थानीय स्तर पर हथियार बनाए भी जा रहे हैं। समस्तीपुर जिले के उजियारपुर व दलसिंहसराय से लेकर हसनपुर तक के विभिन्न गांवों में अवैध हथियार बनाए और एसेंबल किए जा रहे हैं। पड़ोसी जिला बेगूसराय में भी इसका जाल फैला है। मांग की पूर्ति को लेकर बेगूसराय के मंसूरचक से नौवला भिट के आसपास बन रहे अवैध हथियार समस्तीपुर के विभिन्न इलाकों में पहुंच रहे हैं। यहां पिटुआ कट्टा (लोहे को पीट-पीटकर बनाया गया देसी कट्टा) 1500 से 2000 तक में उपलब्ध है, जबकि उच्च क्वालिटी का एसेंबल्ड (बाहर से पार्ट मगांकर यह तैयार) कट्टा तीन हजार तक में मिल जाता है। एसेंबल्ड पिस्टल क्वालिटी के अनुसार पांच से 25 हजार तक में मिल जाता है। हथियारों की सप्लाई के लिए कई ग्रुप सक्रिय है जो बताई गई जगह पर हथियार पहुंचाते हैं।

दलसिंहसराय और उजियारपुर में काफी सक्रिय है हथियार तस्कर :

आए दिन युवा हथियार के साथ रील्स बना रहे तो कुछ शादी में समारोह में हर्ष फायरिंग करते नजर आ रहे है । लेकिन इन युवाओं को हथियार कहा से उपलब्ध हो जाता है। ये सवाल है जो हर कोई जानना चाहता है। लेकिन स्थानीय पुलिस नही। तो हम बताते है अवैध हथियार का कारोबार दलसिंहसराय और उजियारपुर क्षेत्रों में जमकर फल फूल रहा है। इन क्षेत्रों में हथियारो का निर्माण से लेकर दूसरे जिले से मंगाया जाता है। देशी कट्टा तो यहां लेथ दुकानों में बनाई जा रही है। वहीं देशी पिस्टल का पार्ट मांगकर एसेंबल किया जाता है। बाबजूद स्थानीय पुलिस को भनक तक नहीं लगती है । पुलिस के नाक के नीचे हथियार तस्करों का कई ग्रुप भी सक्रिय है। जो हथियार के फुटडिलेवारी कर रहे है। इतना ही नही हथियार भाड़े पर पर उपलब्ध कराए जा रहे है।

IMG 20231130 WA0066IMG 20230604 105636 460

सीमावर्ती जिला से हथियार की मांगों की होती है पूर्ति :

हथियारों की बढ़ती शौक ने हथियार की मांग बढ़ा दिया है। यहां हर कोई हथियार का शौक पाल रखा है। लेकिन हथियारों की मांग की पूर्ति पड़ोसी जिला से हथियार मंगाकर की जा रही है । मुगेर में एसटीएफ की बढ़ती गतिविधि को देखते हथियार के अवैध निर्माण करने वाले सक्रिय ग्रुप बेगूसराय, खगड़िया और लख्खीसराय में अपना कारोबार फैला चुके है। जहाँ से समस्तीपुर जिले में आसानी से हथियार उपलब्ध करा दिए जाते है ।

IMG 20231207 WA0065 01

हसनपुर और ताजपुर में मिनी गन फैक्ट्री का हो चुका है खुलासा:

20 जनवरी 2023 को एसटीएफ और समस्तीपुर पुलिस ने
हसनपुर थाना क्षेत्र के सखवा-राजघाट पथ के वीरपुर गांव स्थित गंगासागर पुल के पास एक मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा किया था। पुलिस टीम ने राजेश कुमार की वेल्डिंग दुकान से भारी मात्रा में हथियार के साथ सात लोगों को गिरफ्तार किया था। दुकान के तहखाने से अवैध आग्नेयास्त्र एवं हथियार बनाने के उपकरण भी जब्त किए गए थे। लेथ मशीन की दुकान की आड़ में हथियार बनाने का धंधा काफी दिनों से चल रहा था। कोलकाता एसटीएफ को इनपुट मिला था। इसके बाद कोलकाता एसटीएफ ने पटना एसटीएफ से संपर्क किया। हसनपुर थाना क्षेत्र के गंगासागर पोखर के पास गुप्त रूप से रेकी की गई थी। इस मामले में लेथ पर कार्य कर रहे मुंगेर जिले के तीन कारीगर समेत अलग-अलग जगहों से सात तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। इसमें मुंगेर जिले के कासिम बाजार थाना क्षेत्र का मो. सलीम उर्फ विक्की, मो. एजाज, राजेश मंडल, खगड़िया जिले का मो. शमशेरदीन, मो. मुमताज आलम उर्फ मुन्ना, बेगूसराय जिले का मो. राजा और समस्तीपुर के हसनपुर का राजेश कुमार शामिल है।

IMG 20231110 WA0063 01

20 जनवरी 2020 को ताजपुर प्रखंड में मिनी गन फैक्ट्री चलाए जाने का उद्भेदन हुआ है। प्रखंड के बंगरा थाना क्षेत्र स्थित गद्दोपुर गांव में अवैध हथियार बनाने का यह काम चल रहा था। पुलिस को गुप्त रूप से अवैध हथियार बनाने की सूचना मिली थी। इसके बाद ताजपुर थाने की पुलिस ने छापेमारी की। मौके से तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है। अर्धनिर्मित देसी पिस्टल समेत हथियार बनाने के उपकरण भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने छापेमारी के दौरान मकान मालिक को भी गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान ताजपुर के गद्दोपुर निवासी मो. मंजूर आलम के रूप में की गई है। जबकि, दोनों आरोपित मिस्त्री मुंगेर जिले के मो. अप्पू और सज्जन कुमार है।

IMG 20230701 WA0080

पुलिस की है असामाजिक तत्वों पर पूरी नजर,कभी भी आपके घर दे सकती है दस्तक :

डीएसपी मो. नजीब अनवर का कहना है कि पुलिस की असामाजिक तत्वों पर पूरी नजर है। मानवीय सूचना संकलन कर अवैध हथियार रखने वालों के घर कभी भी दस्तक दे सकती है । अवैध हथियार मिलने पर नियमनुसार कार्रवाई भी की जायेगी। उन्होंने ने बताया अधिकतर मामलों में सामने आया है कि आरोपित डराने-धमकाने व लूटपाट की वारदातों को अंजाम देने के लिए अवैध हथियार रखे हुए थे। पुलिस ऐसे मामलों की गहराई में जा कर उन आरोपितों को भी गिरफ्तार कर रही है जो अवैध हथियार का निर्माण करते है और बेचते हैं।

IMG 20230728 WA0094 01IMG 20230324 WA0187 01IMG 20231101 WA0035 01IMG 20230818 WA0018 02