समस्तीपुर : सदर अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। अस्पताल के ओपीडी भवन स्थित अल्ट्रासाउंड मशीन पिछले करीब एक सप्ताह से खराब पड़ी है। इसके कारण प्रतिदिन करीब 40 से 50 मरीजों को बिना अल्ट्रासाउंड कराए ही लौटना पड़ रहा है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा बाधित होने से खासकर गरीब और जरूरतमंद मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मजबूरी में मरीजों को निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों को उम्मीद रहती है कि उन्हें सरकारी व्यवस्था के तहत कम खर्च में आवश्यक जांच की सुविधा मिल जाएगी। लेकिन मशीन खराब होने के कारण मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। जिन मरीजों को चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी है, उन्हें जांच के लिए निजी सेंटरों का रुख करना पड़ रहा है। इससे मरीजों को जांच शुल्क के साथ आने-जाने में भी अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए यह परेशानी अधिक गंभीर हो गई है।
जानकारी के अनुसार, सदर अस्पताल के ओपीडी भवन में लगी अल्ट्रासाउंड मशीन में तकनीकी खराबी आने के बाद से जांच कार्य प्रभावित है। मशीन के खराब रहने के कारण रोजाना बड़ी संख्या में मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को जांच के लिए दूसरे केंद्रों पर जाना पड़ रहा है। सरकारी अस्पताल में उपलब्ध सुविधा का लाभ नहीं मिलने से मरीजों और उनके परिजनों में परेशानी देखी जा रही है। सदर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवा बाधित होने का सीधा असर मरीजों की जेब पर पड़ रहा है।
अस्पताल में जांच नहीं होने के कारण मरीज निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों में जांच कराने को विवश हैं। इससे निजी सेंटरों में मरीजों की निर्भरता बढ़ गई है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए निजी स्तर पर जांच कराना अतिरिक्त खर्च का कारण बन रहा है। सरायरंजन से पहुंचे देवश झा का कहना है कि सरकारी अस्पताल में जांच की सुविधा उपलब्ध रहने से उन्हें काफी राहत मिलती, लेकिन मशीन खराब होने से उनकी परेशानी बढ़ गई है। वह निजी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने जा रहे हैं। ओपीडी भवन में लगी मशीन खराब होने के बावजूद गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
अस्पताल के डीएस डॉ. गिरीश कुमार के अनुसार, फिलहाल गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड एमसीएच भवन के लेबर रूम में किया जा रहा है। हालांकि, ओपीडी भवन की मशीन खराब होने से अन्य मरीजों को जांच कराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डीएस ने बताया कि अल्ट्रासाउंड मशीन के प्रोब में खराबी आ गई है। इस बारे में संबंधित कंपनी को सूचना दे दी गई है। कंपनी के इंजीनियर ने अस्पताल पहुंचकर मशीन की जांच भी की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले सप्ताह तक मशीन को दुरुस्त कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट आनंद कुमार के माध्यम से सदर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच की जा रही थी। संबंधित मशीन काफी पुरानी हो चुकी है। फिलहाल गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड के लिए एमसीएच भवन के लेबर रूम में व्यवस्था की गई है। मशीन की मरम्मत होने के बाद ओपीडी भवन में अल्ट्रासाउंड जांच सेवा दोबारा शुरू होने की उम्मीद है। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों को राहत मिल सकेगी और उन्हें जांच के लिए निजी केंद्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
समस्तीपुर : प्रतिभा जब शोध और नवाचार के साथ आगे बढ़ती है, तो उसकी पहचान…
समस्तीपुर : अनन्य विशेष न्यायाधीश (रेप एवं पॉक्सो एक्ट) मनीषा प्रकाश की अदालत ने सोमवार…
समस्तीपुर : दशहरा पर्व पर आयोजित होने वाले रावण दहन कार्यक्रम को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और…
समस्तीपुर : दशहरा एवं विजयादशमी के अवसर पर आयोजित होने वाले रावण दहन समारोह को…
समस्तीपुर : कलेक्ट्रेट स्थित सभाकक्ष में सोमवार को डीएम रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में जन…
समस्तीपुर : स्थानीय उद्यमों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने, कारोबार के विस्तार और रोजगार सृजन…