Samastipur

समस्तीपुर पुलिस लाइन में संचालित ‘दीदी की रसोई’ हुई बंद, 13 लाख का भुगतान अटका

समस्तीपुर : समस्तीपुर पुलिस लाइन में पुलिसकर्मियों को गुणवत्तापूर्ण एवं घर जैसा भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जीविका द्वारा संचालित दीदी की रसोई अब बंद हो गई है। रसोई के बंद होने के पीछे लगातार हो रहा वित्तीय घाटा, आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का अभाव और सेवाओं के एवज में समय पर भुगतान नहीं होना प्रमुख कारण बताया गया है। समस्तीपुर पुलिस लाइन में संचालित रसोई का करीब 13 लाख रुपये का भुगतान लंबे समय से लंबित बताया जा रहा है। बकाया राशि नहीं मिलने के कारण रसोई का आर्थिक चक्र प्रभावित हुआ और संचालन घाटे में चला गया।

दीदी की रसोई का उद्देश्य पुलिस लाइन में रहने वाले जवानों को वाजिब दर पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और आजीविका का अवसर देना था। लेकिन लंबे समय तक बिल का भुगतान नहीं होने से रसोई संचालक समूह के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया।  जानकारी के अनुसार, समस्तीपुर पुलिस लाइन की रसोई का करीब 13 लाख रुपये का भुगतान अटका हुआ है। लगातार बढ़ते बकाये के कारण रसोई को चलाना आर्थिक रूप से मुश्किल हो गया। दूसरी ओर, पुलिस लाइन और प्रशिक्षण केंद्रों में रसोई संचालन के लिए जरूरी आधारभूत सुविधाओं और संसाधनों की भी कमी रही।

इस संबंध में अन्नपूर्णा जीविका फूड प्रोडक्ट्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, पटना की ओर से गृह विभाग के अपर पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) को औपचारिक पत्र भेजकर सभी पुलिस इकाइयों में संचालित दीदी की रसोई को बंद करने के निर्णय की जानकारी दी गई। संस्था की ओर से विभिन्न स्तरों पर समीक्षा और विश्लेषण के बाद बताया गया कि मौजूदा परिस्थितियों में गृह विभाग की इकाइयों में रसोई का संचालन जारी रखना संभव नहीं है। संस्था ने इसके लिए मुख्य रूप से तीन कारण गिनाए हैं। पुलिस लाइन और प्रशिक्षण केंद्रों में आवश्यक बुनियादी ढांचे व संसाधनों की कमी, रसोई की सेवाओं के एवज में राशि का समय पर भुगतान नहीं होना तथा लंबे समय तक बिल बकाया रहने से आर्थिक चक्र का टूट जाना प्रमुख कारण हैं।

जीविका दीदियों के सामने आजीविका का संकट :

दीदी की रसोई केवल भोजन उपलब्ध कराने की योजना नहीं थी, बल्कि इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना भी था। रसोई के बंद होने से इससे जुड़ी जीविका दीदियों की आजीविका पर असर पड़ने की आशंका है। जिस मॉडल के जरिए महिलाओं को रोजगार देकर सरकारी संस्थानों में भोजन सेवा से जोड़ने की योजना थी, उसके सामने अब वित्तीय प्रबंधन और समय पर भुगतान की चुनौती स्पष्ट रूप से सामने आ गई है।

बयान :

समस्तीपुर पुलिस लाइन में प्रशिक्षु सिपाहियों के प्रथम बैच के प्रशिक्षण संपन्न होने के बाद जीविका दीदी की रसोई को बंद कर दिया गया है। पटना मुख्यालय से आदेश मिलने पर समस्तीपुर समेत पूरे राज्य में पुलिस लाइन में रसोई बंद कर दिया गया है। समस्तीपुर जिले में करीब 13 लाख रुपये का भुगतान अभी बचा हुआ है। भुगतान की प्रक्रिया चल रही है।

विक्रांत शंकर सिंह, डीपीएम, जीविका, समस्तीपुर

Avinash Roy

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