बांकीपुर उपचुनाव जीतकर विधायक बने जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद और भोजपुरी अभिनेता मनोज तिवारी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने मनोज तिवारी को ‘फ्रॉड आदमी’ बताया और भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर खुली चुनौती दे डाली. प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर मनोज तिवारी खुद को नेता मानते हैं तो भरत तिवारी के परिवार को न्याय दिलाकर दिखाएं. अगर ऐसा नहीं कर सकते तो बिहार आकर इस तरह की राजनीति नहीं करने की कसम खाएं.
एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में प्रशांत किशोर ने मनोज तिवारी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मनोज तिवारी केवल चुनाव के समय बिहार आते हैं. पीके ने तंज कसते हुए कहा कि वह ‘बरसाती मेंढ़क’ की तरह सिर्फ चुनाव के मौसम में दिखाई देते हैं. चुनाव खत्म होते ही बिहार की जनता को भूल जाते हैं.
प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर मनोज तिवारी में हिम्मत है तो भरत तिवारी के परिवार को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी लें. उन्होंने कहा कि अगर न्याय नहीं दिला सकते तो कम से कम यह वादा करें कि आगे बिहार आकर किसी पीड़ित परिवार के नाम पर राजनीति नहीं करेंगे.
पीके ने आरोप लगाया कि एक मां, जिसने अपना बेटा खोया है, उसे चुनावी राजनीति का हिस्सा बनाना बेहद शर्मनाक है. उन्होंने कहा कि किसी की मौत पर वोट मांगना और पीड़ित परिवार को राजनीतिक हथियार बनाना लोकतंत्र के लिए गलत संदेश देता है. ऐसे काम से राजनीति का स्तर गिरता है.
प्रशांत किशोर ने मनोज तिवारी पर तंज कसते हुए दावा किया कि उन्होंने बांकीपुर में जहां-जहां प्रचार किया, वहां भाजपा को फायदा नहीं बल्कि नुकसान हुआ. हर जगह 4 वोट कम ही हुए. उन्होंने कहा कि पूरे बिहार में लोग मनोज तिवारी के रवैये की आलोचना कर रहे हैं.
बांकीपुर उपचुनाव के प्रचार के दौरान भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने प्रशांत किशोर पर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा था कि पीके ने भरत तिवारी की मां से कहा था कि अगर वह जन सुराज के लिए प्रचार करेंगी, तब उन्हें न्याय दिलाने में वे मदद करेंगे. मनोज तिवारी ने यह भी दावा किया था कि उन्होंने भरत तिवारी की मां आशा देवी की मुलाकात मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से कराई थी. इसके बाद मामले में आरोपित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई.
17 जून को भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में भरत तिवारी की मौत हो गई थी. परिजनों का आरोप है कि भरत तिवारी ने सरेंडर कर दिया था. इसके बावजूद पुलिस ने उसे पांच गोलियां मार दीं. मामला बढ़ने के बाद एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई. तत्कालीन थानेदार और एसडीपीओ को भी हत्या के मामले में आरोपी बनाया गया. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर रिटायर्ड जस्टिस की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग बनाया गया. हाल ही में इस मामले में एक एसटीएफ जवान की गिरफ्तारी भी हुई है. फिलहाल जांच जारी है.
भरत तिवारी की मौत के बाद बिलौटी गांव में महापंचायत हुई थी. इसमें प्रशांत किशोर भी शामिल हुए थे. उन्होंने भरत तिवारी की मां से मुलाकात की थी और परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया था. यही मामला बाद में बांकीपुर उपचुनाव के प्रचार के दौरान राजनीतिक विवाद का कारण बना.
3 अगस्त को घोषित बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों में प्रशांत किशोर ने बड़ी जीत दर्ज की. उन्होंने भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा को 19 हजार से ज्यादा वोटों से हराया. नितिन नवीन और भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर मिली जीत के बाद प्रशांत किशोर का यह पहला बड़ा राजनीतिक हमला माना जा रहा है.
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