समस्तीपुर/सरायरंजन : पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे के लिए सरायरंजन बाजार के समीप बदले गए एलाइनमेंट को लेकर विरोध तेज हो गया है। नए रूट से केएसआर कॉलेज के बड़े हिस्से के प्रभावित होने और बाजार के 150 से अधिक घरों के टूटने की आशंका को लेकर स्थानीय लोगों ने अब सड़क पर उतरने का निर्णय लिया है। कॉलेज और प्रभावित घरों को बचाने की मांग को लेकर 16 अगस्त से सरायरंजन से पटना तक करीब 100 किलोमीटर की पदयात्रा निकाली जाएगी। तीन दिनों तक चलने वाली इस पदयात्रा में एक हजार से अधिक लोग शामिल होंगे।
पदयात्रा का समापन पटना पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी मांग रखने के साथ किया जाएगा। इसके बाद आंदोलनकारी नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आवास तक भी जाएंगे। मंगलवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पूर्व मुखिया एवं समाजसेवी कुणाल कुमार ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए एक्सप्रेस-वे का निर्माण आवश्यक है। किसी को विकास कार्य से आपत्ति नहीं है, लेकिन अचानक परियोजना के एलाइनमेंट में बदलाव किए जाने से स्थानीय स्तर पर गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है।
उन्होंने कहा कि यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना है और पूर्व में निर्धारित रूट के अनुसार निर्माण होने की स्थिति में कई समस्याओं से बचा जा सकता था। नए एलाइनमेंट के कारण सरायरंजन की पुरानी शैक्षणिक धरोहर केएसआर कॉलेज का बड़ा हिस्सा इसकी जद में आ रहा है। कॉलेज की पूरी फील्ड के साथ पुराने भवन के भी प्रभावित होने की बात कही जा रही है।कुणाल कुमार के अनुसार बदले गए एलाइनमेंट का असर केवल कॉलेज तक सीमित नहीं है। सरायरंजन बाजार में भी 150 से अधिक घर इसकी चपेट में आने की आशंका है। इससे बड़ी संख्या में लोगों के सामने विस्थापन की स्थिति पैदा हो सकती है। इसी को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है और एलाइनमेंट में बदलाव की मांग की जा रही है।
उन्होंने बताया कि 16 अगस्त को केएसआर कॉलेज परिसर से पदयात्रा शुरू की जाएगी। पहले दिन पदयात्रा वैशाली जिले के महुआ पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। दूसरे दिन हाजीपुर तक यात्रा प्रस्तावित है। तीसरे दिन पदयात्रा में शामिल लोग पटना पहुंचेंगे। पटना पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री से मुलाकात कर एक्सप्रेस-वे के एलाइनमेंट को लेकर अपनी आपत्ति और मांग रखी जाएगी। इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से भी मुलाकात की जाएगी।
कुणाल कुमार ने आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक सह उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के द्वारा दबाव के कारण एक्सप्रेस-वे का एलाइनमेंट बदला गया है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा हुआ है तो इसके पीछे की वजह जनता के सामने स्पष्ट की जानी चाहिए। उन्होंने स्थानीय लोगों से पदयात्रा में शामिल होकर केएसआर कॉलेज और बाजार को बचाने के आंदोलन को मजबूती देने की अपील की। आरोप लगाते हुए उन्होंने बताया कि जिला भू-अर्जन पदाधिकारी रहे प्रवीण कुमार को पहले सरायरंजन में आरओ के पद पर तैनात किया गया और बाद में उन्हें समस्तीपुर जिले का ही डीटीओ बना दिया गया। वर्तमान में प्रवीण कुमार डीटीओ के साथ-साथ जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के प्रभार में भी है।
आरोप है कि प्रवीण कुमार को राजनीतिक संरक्षण में सरायरंजन विधानसभा की चुनावी एवं प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई। इसी दौरान कथित रूप से प्रभावशाली लोगों की जमीन को बचाने और केएसआर कॉलेज के हिस्से को एक्सप्रेस-वे की जद में लाने के लिए एलाइनमेंट में बदलाव किया गया। एलाइनमेंट विवाद के साथ सरायरंजन में प्रस्तावित पावर प्लांट की जमीन को लेकर भी सवाल उठाए गये। कुणाल कुमार ने बताया कि पहले पावर प्लांट के लिए गंगसारा के चौर क्षेत्र की करीब आठ एकड़ सरकारी जमीन उपलब्ध थी, जहां महज तीन-चार एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना था। बाद में परियोजना को कबरा चौर स्थानांतरित कर दिया गया। कबरा चौर में पावर प्लांट के लिए करीब 12 एकड़ निजी जमीन का अधिग्रहण करना पड़ा। इससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ा।
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